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June 20, 2026 2:18 pm

होर्मुज में ईरान का नया दांव, जहाजों के लिए इंश्योरेंस अनिवार्य; 48 घंटे पहले देनी होगी सूचना

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दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान ने नया कदम उठाया है। ईरान ने घोषणा की है कि इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को अब विशेष बीमा (इंश्योरेंस) और पूर्व अनुमति प्रक्रिया का पालन करना होगा। नए नियमों के तहत किसी भी जहाज को होर्मुज से गुजरने से कम से कम 48 घंटे पहले ट्रांजिट अनुरोध जमा करना अनिवार्य होगा।

ईरान की नई समुद्री प्राधिकरण Persian Gulf Strait Authority ने कहा है कि यह व्यवस्था समुद्री सुरक्षा, नेविगेशन और क्षेत्र में मौजूद खतरों को देखते हुए लागू की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार जहाजों के मार्ग और समय का पूर्व समन्वय आवश्यक होगा ताकि किसी भी दुर्घटना या सुरक्षा जोखिम से बचा जा सके।

60 दिन तक शुल्क माफ, लेकिन नियम लागू

ईरान ने फिलहाल 60 दिनों की बातचीत अवधि के दौरान प्रस्तावित ट्रांजिट शुल्क और संबंधित बीमा शुल्क को अस्थायी रूप से माफ कर दिया है। हालांकि जहाजों के लिए पूर्व सूचना और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य रहेगा। ईरान का कहना है कि इस अवधि का उद्देश्य समुद्री यातायात को सुचारु बनाए रखना और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी कंपनियों को नए नियमों के अनुरूप ढालना है।

वैश्विक शिपिंग उद्योग में बढ़ी चिंता

ईरान के इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों और तेल कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। कई वैश्विक शिपिंग संगठनों का मानना है कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और किसी एक देश द्वारा अतिरिक्त अनुमति या बीमा शर्तें लागू करना भविष्य में विवाद का कारण बन सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईरान भविष्य में इन बीमा और ट्रांजिट सेवाओं पर शुल्क लगाना शुरू करता है तो तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों की परिचालन लागत में भारी वृद्धि हो सकती है। कुछ रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि बड़े तेल टैंकरों पर लाखों डॉलर तक अतिरिक्त लागत का बोझ पड़ सकता है।

क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वैश्विक स्तर पर समुद्री मार्ग से भेजे जाने वाले कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। खाड़ी देशों से एशिया, यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्सों में जाने वाले तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग पर निर्भर है।

यही वजह है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों, शिपिंग लागत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

सुरक्षा जोखिम अभी भी बरकरार

हाल के महीनों में क्षेत्रीय तनाव और संघर्षों के कारण होर्मुज मार्ग पर समुद्री यातायात प्रभावित हुआ था। कई हिस्सों में बारूदी सुरंगों और अन्य नेविगेशन संबंधी खतरों की आशंका जताई गई है। इसी वजह से जहाजों के मार्ग और समय निर्धारण को लेकर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं।

समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान का यह कदम केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह होर्मुज पर अपने प्रभाव और नियंत्रण को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।

आगे क्या?

फिलहाल 60 दिनों की छूट अवधि के दौरान जहाजों को अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा, लेकिन 48 घंटे पहले सूचना देने और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य रहेगा। दुनिया भर की शिपिंग कंपनियां और ऊर्जा बाजार अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि बातचीत की अवधि समाप्त होने के बाद ईरान इन नियमों को किस रूप में लागू करता है और क्या भविष्य में बीमा या ट्रांजिट शुल्क वसूला जाएगा।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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