महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार को पहली बार बड़ा धक्का लगा है।
प्रियंका गांधी ने अपने बयान में आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है और इसे लागू करने में जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार देने के बजाय इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि देश की महिलाओं को लंबे समय से संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व का इंतजार है, लेकिन केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने में असफल रही है। उनके मुताबिक, यह मुद्दा सिर्फ वादों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए।
प्रियंका गांधी के इस बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल बढ़ गई है। बीजेपी की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार पहले ही कई अहम कदम उठा चुकी है और महिला आरक्षण बिल को लेकर उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महिला आरक्षण बिल लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है और इस पर सभी दलों के बीच मतभेद भी देखने को मिलते रहे हैं। ऐसे में प्रियंका गांधी का यह बयान आने वाले समय में इस मुद्दे को और गरमा सकता है।
फिलहाल, महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि सरकार आगे क्या कदम उठाती है।







