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March 28, 2026 10:06 pm

चरण दर्शन की वेंकटेश्वर परंपरा अब जयपुर में: रामनवमी पर रामचंद्रजी धारण करेंगे स्वर्ण चरण पादुकाएं

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जयपुर। इस वर्ष रामनवमी का पावन अवसर राजधानी जयपुर के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव लेकर आ रहा है। दक्षिण भारत की प्राचीन वेंकटेश्वर परंपरा से प्रेरित “चरण दर्शन” की अनूठी परंपरा अब जयपुर में भी प्रारंभ होने जा रही है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत भगवान रामचंद्रजी को स्वर्ण निर्मित पवित्र चरण पादुकाएं धारण कराई जाएंगी, जो भक्तों के लिए आकर्षण और आस्था का केंद्र बनेंगी।

मंदिर समिति के अनुसार, यह परंपरा मूलतः तिरुपति बालाजी मंदिर में प्रचलित है, जहां भगवान के चरणों के दर्शन को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इसी भावना को जयपुर में स्थापित करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है। रामनवमी के दिन विशेष पूजा-अर्चना, वेद मंत्रों के उच्चारण और भव्य श्रृंगार के साथ भगवान राम को स्वर्ण चरण पादुकाएं पहनाई जाएंगी।

इस अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया जाएगा और हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। भक्तों को भगवान के “चरण दर्शन” का दुर्लभ अवसर मिलेगा, जिसे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। आयोजन समिति ने बताया कि सुरक्षा और व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि श्रद्धालु सहज रूप से दर्शन कर सकें।

धार्मिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की परंपराएं न केवल आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देती हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत को एक मंच पर लाने का कार्य भी करती हैं। जयपुर में वेंकटेश्वर परंपरा का यह समावेश धार्मिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बनकर उभरेगा।

शहरवासियों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई श्रद्धालु इसे ऐतिहासिक क्षण मानते हुए बड़ी संख्या में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। रामनवमी के इस पावन पर्व पर जयपुर एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और परंपरा के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रहा है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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