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March 24, 2026 11:52 pm

मॉक फांसी, यातना और सिर पर मंडराते खतरे का सामना कर रहे हैं ईरान के युवा बहाई

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जेनेवा—24 मार्च 2026—दो मॉक फांसी, दीर्घकालिक यातना और पूछताछ के दौर से गुजरने के बाद, ईरान के करमान में जेल में बंद पेवंद नईमी नामक एक युवा बहाई को अब मृत्युदंड के मंडराते संकट का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, ईरान के अधिकारी नईमी से ऐसे अपराध कबूल करवाने की कोशिश मे जुटे हैं जो उसने किए ही नहीं हैं। मॉक फांसी मानसिक प्रताड़ना के गंभीर रूप हैं और अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत प्रतिबंधित हैं। नईमी को जनवरी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान अशांति फैलाने के झूठे आरोपों में 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) के एक हिरासत केंद्र में ले जाया गया था—जो बंदियों को यातना देने और उनसे दुर्व्यवहार करने के लिए बदनाम है। घोर दबाव की परिस्थितियों में, नईमी से जबरन यह कबूलनामा लिया गया कि उन्होंने विरोध प्रदर्शनों में भाग लिया था। यह बयान 1 फरवरी को सरकारी टेलिविजन पर प्रसारित किया गया और इस प्रसारण के बाद उसे करमान जेल भेज दिया गया। नईमी के मामले में आज तक न तो कोई मुकदमा चलाया गया है, न सजा सुनाई गई है, और न ही उनके खिलाफ लगाए गए झूठे आरोपों को न्यायसंगत ठहराने के लिए कोई सबूत पेश किया गया है। हालांकि देश में जारी संकट के कारण हाल के सप्ताहों में कई राजनीतिक कैदियों को रिहा किया गया है, लेकिन अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण निशाना बनाए गए अन्य बहाई लोगों के साथ नईमी अभी भी हिरासत में हैं।

1979 में इस्लामी गणराज्य की स्थापना के बाद से ही, राष्ट्रीय आपदाओं के दौरान ईरान की सरकार ने झूठे आरोपों और मीडिया के माध्यम से सुनियोजित दुष्प्रचार एवं घृणा अभियानों के जरिए बहाई लोगों को लगातार और सुनियोजित रूप से बलि का बकरा बनाया है। नईमी को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। 28 फरवरी को, अधिकारियों ने उन पर जनवरी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान तीन बासिज सुरक्षाकर्मियों की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया, जबकि कथित हमले के समय वे पहले से ही हिरासत में थे। उन पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामिनेई की मृत्यु का जश्न मनाने का भी झूठा आरोप लगाया गया, जबकि एक कैदी होने के नाते संचार साधनों तक उनकी पहुंच नहीं थी और उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी। उनके परिवार को डर है कि उनके खिलाफ लगाए गए मनगढ़ंत आरोपों का इस्तेमाल उनकी फांसी को जायज ठहराने के लिए किया जा सकता है। मार्च-मध्य से लेकर दस दिनों तक, नईमी को लगातार और गंभीर यातनाएं दी गईं, पूछताछ की प्रक्रिया से गुजारा गया और उन्हें भोजन-पानी से वंचित रखा गया। 48 घंटे तक उन्हें हाथ-पैर बांध कर रखा गया और दीवार से बांधकर बार-बार पीटा गया। इसके बाद भी लगातार तीन दिनों तक उन्हें मारा-पीटा गया और उनसे दुर्व्यवहार किया गया, एक बहाई के रूप में उनकी धार्मिक मान्यताओं का उपहास उड़ाया गया, दो एजेंटों द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए उनसे पूछताछ की गई, और साथ ही उन्हें नकली फांसी का भी सामना करना पड़ा। यह सब कुछ उनसे झूठा बयान दिलाने के प्रयास में किया गया। नईमी के ईरान से बाहर रहने वाले एक रिश्तेदार का कहना है कि इन दुर्व्यवहारों के कारण
नईमी का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है।

“उक्त रिश्तेदार ने बताया कि “पेवंद को दो अलग-अलग मौकों पर मॉक फांसी दी गई”। रिश्तेदार ने यह भी कहा कि उनके परिवार ने बताया है कि मुलाकातों के दौरान परिवार के सदस्यों से संक्षिप्त बातचीत में नईमी अत्यधिक मानसिक दबाव के कारण “फूट-फूटकर रो पड़े”।

रिश्तेदार ने बताया कि पहली मॉक फांसी के बाद, नईमी ने अपने परिवार को बताया कि उन्होंने अपना जुर्म कबूल करने से इनकार कर दिया था। रिश्तेदार ने आगे कहा कि दूसरी घटना का वर्णन करते समय, जब उनके नीचे से स्टूल भी खींच ली गई थी, वे “साफ तौर पर सदमे में और परेशान” लग रहे थे। लेकिन इन सबके बावजूद वे अपनी बेगुनाही पर कायम हैं।
मानवाधिकार समूहों ने बार-बार ईरान द्वारा झूठे कबूलनामे करवाने के लिए यातना, पूछताछ और नकली फांसी के इस्तेमाल जैसे उपायों का दस्तावेज़ तैयार किया है।  जेनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में बहाई अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिनिधि सिमिन फ़हांदेज ने कहा, “नईमी को यातनाएं दी जा रही हैं और यहां तक ​​कि उन्हें उन झूठे अपराधों को कबूल करवाने के लिए फांसी की सजा भी दी जा रही है जो अपराध उन्होंने नहीं किए हैं। इस्लामी गणराज्य के पास इन आरोपों के पक्ष में एक भी सबूत नहीं है। अगर होता, तो उसे झूठे कबूलनामा के लिए यातनाओं का सहारा नहीं लेना पड़ता। इस क्रूर व्यवहार का केवल एक ही कारण है, और वह यह है कि पेवंद एक बहाई हैं। यही कारण है कि ईरान की सरकार लगभग पांच दशकों से एक पूरे निर्दोष समुदाय को अत्याचार और भेदभाव का शिकार बना
रही है।”

नईमी को वर्तमान में करमान जेल में एकांत कारावास में रखा गया है और वे लगातार अनैच्छिक रूप से आंखों के फड़कने और पाचन सम्बंधी कष्टों से पीड़ित हैं। इसके बावजूद जेल अधिकारी उन्हें चिकित्सा सुविधा देने से इनकार कर रहे हैं। सुश्री फ़हांदेज ने कहा, "पेवंद जैसे निर्दोष युवक के साथ किया गया क्रूर व्यवहार यह दर्शाता है कि बहाई समुदाय पर दोष मढ़ने में ईरान की सरकार की कोई सीमा नहीं है। उसने पिछले पांच दशकों से बहाइयों के प्रति अकल्पनीय निर्दयता दिखाई है, ताकि उन्हें अपनी मान्यताओं को त्यागने के लिए मजबूर किया जा सके। इस पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और ईरान पर दबाव डालना चाहिए कि वह बहाइयों को निशाना बनाना बंद करे। और उसे यह कार्रवाई अभी तुरंत करनी चाहिए।

पृष्ठभूमि जानकारी: घटना-क्रम:-
● 28 फरवरी को, करमान जेल परिसर में व्यायाम करते समय, जहां उन्हें स्थानांतरित किया गया था, नईमी को दूसरी बार आईआरजीसी के हिरासत केंद्र ले जाया गया और एकांत कारावास में रखा गया। बाद में उन्हें फिर से करमान जेल वापस भेजा गया जहां मॉक फांसी की घटनाएं घटी हैं।
● एजेंटों ने दावा किया कि नईमी पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामिनेई के उसी दिन सबेरे हुए निधन का जश्न मना रहे थे, लेकिन संचार साधनों से वंचित कैदी होने के कारण नईमी को इसकी जानकारी भी नहीं थी। बाद में उनके परिवार को भी बताया गया कि उन्हें इसी आरोप के आधार पर दंडित किया जा रहा है।
● इसके बाद आईआरजीसी के एजेंटों ने नईमी पर 8 जनवरी की शाम को बासिज (अर्धसैनिक) बलों पर हुए हिंसक हमले में शामिल होने का आरोप लगाया, जो जनवरी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान ईरानी सरकार की हिंसक कार्रवाई की रातों में से एक थी, और इस हमले में तीन बासिज सुरक्षा अधिकारियों की जान चली गई थी।
● नईमी को 8 जनवरी की सुबह, यानी बासिज अधिकारियों के मारे जाने से पहले हिरासत में लिया गया था, जिसका मतलब यह है कि वे कथित हमले में शामिल नहीं
हो सकते थे और न ही उन्होंने वह अपराध किया था जिसका उन पर आरोप है।
● नईमी को 7 मार्च को अपने परिवार से फोन पर थोड़ी देर बात करने की अनुमति दी गई थी, जिसके दौरान उन्होंने कहा कि उन पर नए झूठे आरोप लगाए गए हैं और
उन पर कबूलनामा करने का दबाव डाला जा रहा है, और इस बार वे अपने खिलाफ झूठा कबूलनामा करने के लिए मजबूर नहीं होंगे।

Sanjeevni Today
Author: Sanjeevni Today

Reporter

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