जयपुर में बड़ा हड़ताल का ऐलान! शहर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में नर्सिंग स्टाफ ने 2 घंटे का कार्यबहिष्कार किया। यह विरोध एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर अग्निकांड में कुछ नर्सिंग कर्मियों के निलंबन के खिलाफ उठाया गया है।
घटना की पृष्ठभूमि
पिछले साल अक्टूबर 2025 में सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लगी थी, जिसमें 6 मरीजों की मौत हो गई थी। जांच रिपोर्ट में स्टाफ की लापरवाही सामने आई, जिसमें कुछ नर्सिंग कर्मियों पर आरोप लगा कि उन्होंने मरीजों को बचाने की बजाय ड्यूटी छोड़कर भागने की कोशिश की। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने 4 नर्सिंग कर्मियों (जिनमें नर्सिंग अधीक्षक, इंचार्ज और अन्य स्टाफ शामिल) को निलंबित कर दिया।
नर्सिंग एसोसिएशन और कर्मचारियों का आरोप है कि कार्रवाई एकतरफा और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि आग लगने के समय सुरक्षा उपकरणों की कमी, फायर अलार्म न काम करना और प्रशासन की उदासीनता मुख्य कारण थे, लेकिन जिम्मेदारी सिर्फ नर्सिंग स्टाफ पर डाली जा रही है।
आज का विरोध
आज (6 मार्च 2026) जयपुर के प्रमुख अस्पतालों जैसे एसएमएस मेडिकल कॉलेज, ट्रॉमा सेंटर और अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में नर्सेज ने 2 घंटे का सामूहिक कार्यबहिष्कार किया। प्रदर्शनकारी नर्सों ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज परिसर में जमा होकर नारे लगाए और प्राचार्य के कक्ष के बाहर धरना दिया। उनका मुख्य मांग है:
- निलंबित नर्सिंग कर्मियों का तत्काल बहाली
- निष्पक्ष जांच और सभी जिम्मेदार विभागों (इंजीनियरिंग, प्रशासन सहित) पर कार्रवाई
- अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरणों और ट्रेनिंग की बेहतर व्यवस्था
नर्सिंग यूनियन के एक प्रतिनिधि ने कहा, “हम मरीजों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन जब हमारे साथ अन्याय होता है तो चुप नहीं रह सकते। यह विरोध न्याय की मांग है, न कि सेवा में बाधा डालने का।”
प्रशासन की प्रतिक्रिया
अभी तक स्वास्थ्य विभाग या सरकार की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार बातचीत का दौर चल रहा है ताकि स्थिति सामान्य हो सके। यह कार्यबहिष्कार आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित न करने के लिए सीमित समय का रखा गया था।






