ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत (28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में) की खबर ने पूरे मुस्लिम दुनिया में आक्रोश फैला दिया है। पाकिस्तान में यह खबर सुनते ही बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भड़क उठे, खासकर शिया बहुल इलाकों में।
पाकिस्तान में बवाल की ताजा स्थिति:
- कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) के बाहर हजारों प्रदर्शनकारी जमा हुए। भीड़ ने परिसर पर धावा बोलने की कोशिश की, तोड़फोड़ की और आग लगाने का प्रयास किया।
- पुलिस और सुरक्षा बलों ने आंसू गैस, लाठीचार्ज और फायरिंग का इस्तेमाल किया, जिससे हिंसक झड़पें हुईं।
- अब तक की रिपोर्टों के अनुसार, पूरे पाकिस्तान (मुख्य रूप से कराची, लाहौर, इस्लामाबाद और स्कार्दू) में इन प्रदर्शनों में 23 लोगों की मौत हो चुकी है (कुछ स्रोतों में 17-23 के बीच आंकड़े हैं, जिसमें पुलिस फायरिंग और क्लैश शामिल हैं)। घायलों की संख्या 50 से ज्यादा बताई जा रही है।
- पाकिस्तान सरकार ने कई शहरों में धारा 144 लागू कर दी है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए हैं। अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई अलर्ट ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।
जम्मू-कश्मीर में प्रभाव:
- खामेनेई की मौत पर घाटी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। श्रीनगर के लाल चौक, सैदा कदल, बारामूला, बडगाम, बांदीपोरा और अन्य इलाकों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारे लगाए और ईरान के प्रति एकजुटता जताई।
- प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए:
- श्रीनगर और कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद या काफी सीमित (2G तक) कर दी गई हैं, ताकि अफवाहें और उकसावा न फैले।
- सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान दो दिनों (2-3 मार्च 2026) के लिए बंद कर दिए गए हैं।
- मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है। लाल चौक जैसे संवेदनशील इलाकों को सील कर दिया गया है।
यह घटना मिडिल ईस्ट में चल रहे अमेरिका-इजरायल vs ईरान संघर्ष का सीधा असर है, जो अब दक्षिण एशिया तक पहुंच गया है। ईरान ने 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है और बदले की कसम खाई है। दुनिया भर में (भारत, पाकिस्तान सहित) विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए आधिकारिक अपडेट्स पर नजर रखें।






