पाकिस्तान और अफगानिस्तान (तालिबान शासन) के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, और हालिया सीमा विवादों के बीच एक बड़ा सवाल उठ रहा है: पारंपरिक युद्ध में दोनों की सेनाओं की ताकत कितनी अलग है?
आजतक की एक ताजा रिपोर्ट (26 फरवरी 2026) के अनुसार, पाकिस्तानी सेना कन्वेंशनल (पारंपरिक) युद्ध में अफगान तालिबान पर भारी पड़ती है। आइए आंकड़ों से समझते हैं:
- सैनिकों की संख्या: पाकिस्तान के पास लगभग 6.6 लाख सक्रिय सैनिक हैं (सेना में 5.6 लाख), जबकि तालिबान के पास सिर्फ 1.65-1.72 लाख लड़ाके हैं। पाकिस्तान की ताकत तालिबान से करीब 4 गुना ज्यादा है।
- टैंक और बख्तरबंद वाहन: पाकिस्तान के पास 2677 टैंक और 59,000+ बख्तरबंद गाड़ियां हैं, जबकि तालिबान के पास मात्र 100-200 पुराने टैंक और कुछ हजार अमेरिकी Humvee हैं, जिनकी हालत खराब है।
- वायुसेना: पाकिस्तान के पास 1399 हवाई जहाज हैं, जिसमें 400+ आधुनिक फाइटर जेट (F-16, JF-17) शामिल हैं। तालिबान के पास सिर्फ 6-9 पुराने प्लेन और 23 हेलीकॉप्टर हैं, जिनमें से ज्यादातर उड़ान भरने लायक नहीं।
- नौसेना: पाकिस्तान की मजबूत नौसेना (फ्रिगेट, सबमरीन) है, जबकि तालिबान के पास कोई नौसेना नहीं है (अफगानिस्तान लैंडलॉक्ड देश है)।
- अन्य: पाकिस्तान के पास आधुनिक ड्रोन, मिसाइल डिफेंस, न्यूक्लियर क्षमता और मजबूत लॉजिस्टिक्स है। तालिबान मुख्य रूप से पुराने अमेरिकी हथियारों (M4 राइफल आदि) पर निर्भर है, लेकिन रखरखाव और गोला-बारूद की भारी कमी है।
पारंपरिक युद्ध में क्या होगा? रिपोर्ट के मुताबिक, अगर खुला युद्ध हुआ तो पाकिस्तान 1-2 हफ्ते में अफगान आसमान पर कब्जा कर सकता है और हवाई हमलों से तालिबान को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। टैंक-टू-टैंक या एयर स्ट्राइक में तालिबान नहीं टिक पाएगा। ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स 2026 में पाकिस्तान टॉप-15 में (14वां स्थान) है, जबकि अफगानिस्तान 121वें स्थान पर है।
लेकिन तालिबान की असली ताकत क्या है? तालिबान का जज्बा, धार्मिक प्रेरणा, पहाड़ी इलाकों में गोरिल्ला युद्ध की क्षमता और स्थानीय (खासकर पश्तून) समर्थन उन्हें लंबे असिमेट्रिक युद्ध में मजबूत बनाता है। एलीट यूनिट जैसे Badri-313 और Red Unit कमांडो रेड कर सकते हैं। अमेरिका को भी 20 साल तक अफगानिस्तान में घसीटने वाले तालिबान पाकिस्तान को भी महंगा पड़ सकते हैं, खासकर अगर TTP (पाकिस्तानी तालिबान) से सपोर्ट मिले और युद्ध लंबा खिंचे।
निष्कर्ष: पारंपरिक युद्ध में पाकिस्तान साफ तौर पर मजबूत है, लेकिन तालिबान हार नहीं मानेगा—वे जंगल युद्ध और छापेमारी से पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। दोनों देशों के बीच हाल के एयरस्ट्राइक और सीमा संघर्ष इस तनाव को और बढ़ा रहे हैं। क्या यह युद्ध की ओर जा रहा है? फिलहाल स्थिति नाजुक बनी हुई है।






