ग्राम पंचायत करेड़ा खुर्द के कल्याणपुरा में रास्ते की बदहाली ने ग्रामीणों का जीवन मुश्किल कर दिया है। मोहन जी की ढाणी से रामेश्वर जी की ढाणी तक जाने वाला यह रास्ता खस्ताहाल हो चुका है, जहां बड़े-बड़े गड्ढे और खड्डे यात्रा को खतरनाक बना रहे हैं। खासकर रामेश्वर जी की ढाणी के पास तालाब के निकट एक गहरा गड्ढा हादसों का बड़ा कारण बन गया है, जिससे बाइक सवार अक्सर गिरकर घायल हो रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों रवि बाड़ीवाल और राहुल शर्मा ने बताया कि इस समस्या की शिकायतें ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी को कई बार की जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजस्थान संपर्क पोर्टल पर मार्च 2025 में शिकायत पर जवाब मिला था कि अग्रिम वार्षिक कार्य योजना में शामिल कर काम करवाया जाएगा, और मई 2025 में बताया गया कि बजट उपलब्ध नहीं है। इसके बाद अब तक कोई समाधान नहीं निकला, जिससे ग्रामीणों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द रास्ते की मरम्मत या पक्की सड़क नहीं बनाई गई, तो वे मजबूर होकर आंदोलन करेंगे। वे ग्राम पंचायत और पंचायत समिति पर धरना देंगे तथा सद्बुद्धि यज्ञ करने की योजना बना रहे हैं।
- यह समस्या राजस्थान के कई ग्रामीण इलाकों में आम है, जहां छोटे रास्ते बजट/प्राथमिकता की कमी से उपेक्षित रहते हैं। चाकसू क्षेत्र में कुछ सड़क परियोजनाएं (जैसे चाकसू-भदरवास रोड) चल रही हैं, लेकिन स्थानीय ढाणियों के कच्चे/टूटे रास्ते अक्सर अनदेखे रह जाते हैं।
- ग्रामीणों की शिकायतें वैध हैं—सुरक्षा, रोजमर्रा का सफर और हादसे प्रभावित कर रहे हैं। पंचायत स्तर पर बजट की कमी का हवाला दिया जाता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर प्राथमिकता बदलने या MLA/जिला स्तर पर दबाव बनाने की जरूरत है।
- सद्बुद्धि यज्ञ जैसा प्रतीकात्मक विरोध (धरना के साथ) ध्यान आकर्षित कर सकता है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए लिखित शिकायतें, RTI या पंचायत समिति/जिला कलेक्टर तक पहुंचना ज्यादा प्रभावी हो सकता है।






