राजस्थान में सुशासन की नई मिसाल: अब सीनियर IAS अधिकारी खुद 181 कॉल सेंटर पर बैठकर जनता की शिकायतें सुनेंगे और समाधान करेंगे!
जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए एक अभूतपूर्व और क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब प्रदेश के 35 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कॉल सेंटर पर खुद ड्यूटी देंगे। ये अधिकारी सेक्रेटरी से लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) रैंक तक के हैं, जो सामान्यतः बंद कमरों में फाइलों के साथ काम करते हैं, लेकिन अब वे सीधे जनता के फोन कॉल रिसीव करेंगे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पिछले कुछ समय से खुद 181 हेल्पलाइन का दौरा कर जनता से बात की और शिकायतों का समाधान किया था। इसी क्रम में उन्होंने जनसुनवाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए यह बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह विशेष अभियान 4 मार्च से शुरू होकर 28 अप्रैल तक चलेगा।
मुख्य विशेषताएं:
- प्रत्येक अधिकारी को अपनी ड्यूटी वाली शिफ्ट में कम से कम 10 कॉल रिसीव करनी होंगी।
- अधिकारी जनता की समस्याएं सुनकर यथासंभव मौके पर ही समाधान के निर्देश जारी करेंगे।
- इससे रोजाना करीब 350 शिकायतों पर सीधे उच्च स्तरीय निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
- लंबित फाइलों और देरी से होने वाली शिकायतों पर अब टॉप लेवल की जवाबदेही तय होगी।
यह फैसला आमजन के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की बजाय एक फोन कॉल से ही उच्च अधिकारी सीधे उनकी सुनवाई करेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट किया है कि जनकल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है और शिकायतों का समाधान हर हाल में समयबद्ध तरीके से होना चाहिए।






