शिमला, 21 फरवरी 2026: हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति अधिसूचित कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कैबिनेट ने मंजूरी दी है, जिसमें शराब की बिक्री, परिवहन, परोसने और नकली शराब रोकथाम के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। नई नीति 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी और सरकार को इससे लगभग 3 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
प्रमुख बदलाव और नियम:
- शराब की बोतलों पर QR कोड और होलोग्राम अनिवार्य: नकली शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सभी बोतलों (IMFL, देशी शराब, बीयर आदि) पर सिक्योरिटी होलोग्राम के साथ QR कोड लगाना जरूरी होगा। स्कैन करने पर बोतल की पूरी जानकारी (उत्पादन, आपूर्ति, ट्रैकिंग) मिलेगी। यह व्यवस्था फर्जीवाड़ा रोकने में मदद करेगी।
- यात्रा में शराब ले जाने की सीमा बढ़ाई गई: पहले केवल 2 बोतलें ले जाने की अनुमति थी, अब एक व्यक्ति 750 ml की 6 बोतलें या 1 लीटर की 5 बोतलें साथ ले जा सकता है। बीयर के मामले में 24 बोतलें (650 ml) या 5 लीटर के 3 कैन तक छूट है। यह बदलाव पर्यटकों और आम लोगों के लिए राहत वाला है।
- शादी-ब्याह और सामाजिक आयोजनों में परमिट नियम: शादी, बैंक्वेट हॉल, मैरिज पैलेस, धर्मशाला या अन्य व्यावसायिक परिसरों में बिना लाइसेंस/परमिट शराब परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परमिट धारक अधिकतम 72 बोतलें (ब्लेंडेड/देसी शराब) और 78 बीयर बोतलें तक परोस सकते हैं। बिना परमिट परोसने पर:
- पहली बार: 50 हजार रुपये जुर्माना
- दूसरी बार: 75 हजार रुपये
- तीसरी बार: 1 लाख रुपये तक जुर्माना
- चौथी बार: लाइसेंस रद्द
- ओवरचार्जिंग पर सख्ती: ठेके पर MRP से अधिक कीमत वसूलने या कम दाम पर बेचने पर ठेका एक दिन के लिए सील किया जाएगा। बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द हो सकता है।
- अवैध शराब पर प्रहार: निर्माता या सप्लायर बिना परमिट अधिक मात्रा में शराब मंगवाने पर 1-3 लाख रुपये जुर्माना और जब्ती का प्रावधान। अवैध ठेकों वाले इलाकों में बिना एनओसी के नया ठेका खोलने की अनुमति।
अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान:
- शराब ठेकों का आवंटन अब ऑनलाइन ई-ऑक्शन से होगा – पारदर्शिता और आसानी के लिए।
- लाइसेंस फीस में 10% बढ़ोतरी।
- मार्जिन को सीमित किया गया, ताकि ओवरचार्जिंग रुके।
- नीति में कुल 151 पेज की विस्तृत अधिसूचना जारी की गई है।
सुक्खू सरकार का कहना है कि यह नीति राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ अवैध शराब और स्वास्थ्य जोखिम को कम करने पर फोकस करती है। पर्यटकों के लिए यात्रा में अधिक बोतलें ले जाने की छूट से टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन सख्त नियमों से सामाजिक दुरुपयोग रोका जाएगा।






