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February 21, 2026 3:34 pm

राजधानी में रोज 110 लोगों को श्वान काट रहे, 9 माह में 30,157 केस

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जयपुर में आवारा कुत्तों का आतंक: रोजाना 110 लोग कट रहे, 9 महीनों में 30,157 मामले दर्ज – चिंता बढ़ी, प्रशासन पर सवाल

जयपुर, 21 फरवरी 2026: राजधानी जयपुर में आवारा श्वानों (कुत्तों) के हमलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में रोजाना औसतन 110 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। पिछले 9 महीनों (अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 या जनवरी 2026 तक) में कुल 30,157 कुत्ते काटने के मामले सामने आए हैं। यह आंकड़ा आमजन की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रहा है, क्योंकि इनमें से कई मामलों में गंभीर चोटें और रेबीज का खतरा भी शामिल है।

प्रमुख आंकड़े (दैनिक भास्कर रिपोर्ट से):

  • रोजाना औसत: 110 लोग प्रभावित (करीब 3,300-3,400 प्रति माह)।
  • 9 महीनों में कुल केस: 30,157।
  • पिछले साल (2025 पूरे वर्ष): प्रदेशभर में लगभग 4.50 लाख लोगों को कुत्तों ने काटा, जिसमें जयपुर का बड़ा हिस्सा है।

ये मामले मुख्य रूप से आवारा कुत्तों से जुड़े हैं, जो सड़कों, मोहल्लों, पार्कों और स्कूलों के आसपास घूमते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की अनुमानित संख्या लाखों में है, और ABC (Animal Birth Control) प्रोग्राम की धीमी गति के कारण समस्या बढ़ रही है। कई इलाकों में लोग रात में बाहर निकलने से डरते हैं, खासकर बच्चे और बुजुर्ग।

कारण और चिंताएं:

  • नसबंदी और टीकाकरण की कमी: जयपुर नगर निगम (JMC) के ABC प्रोग्राम में लक्ष्य से कम कुत्तों की सर्जरी हो रही है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि फीडर्स और लोकल विरोध के कारण पकड़ना मुश्किल हो रहा है।
  • रेबीज का खतरा: कुत्ते काटने के अधिकांश मामलों में कैटेगरी II/III बाइट्स हैं, जहां एंटी-रेबीज वैक्सीन जरूरी है। जयपुर में रेबीज के मामले भी बढ़ रहे हैं, हालांकि मौतों के आंकड़े अलग-अलग हैं।
  • प्रशासन की नाकामी: विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के कई निर्देशों (दिल्ली-NCR जैसे) के बावजूद जयपुर में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में आवारा कुत्तों को शेल्टर में शिफ्ट करने का आदेश दिया था, लेकिन राजस्थान में स्थिति बदतर बताई जा रही है।

क्या कह रहे हैं लोग और अधिकारी?

  • स्थानीय निवासी: “सुबह-शाम पार्क या गली में निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चे स्कूल जाते समय डरते हैं।”
  • स्वास्थ्य विभाग: अस्पतालों में रोजाना दर्जनों लोग एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने आ रहे हैं। जयपुर के SMS अस्पताल और अन्य सरकारी सेंटरों में बोझ बढ़ा है।
  • JMC अधिकारियों का कहना: “हम ABC प्रोग्राम चला रहे हैं, लेकिन जनता से सहयोग चाहिए। फीडिंग रोकें और रिपोर्ट करें।”

यह समस्या अब राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। आने वाले दिनों में विधानसभा या नगर निगम में इस पर बहस होने की संभावना है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कुत्ते काटने पर तुरंत घाव धोएं, डॉक्टर से संपर्क करें और वैक्सीन कोर्स पूरा करें।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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