ढाका: बांग्लादेश में राजनीतिक इतिहास रचा गया है! बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन और 60 वर्षीय तारिक रहमान (Tarique Rahman) को देश का 11वां प्रधानमंत्री चुना गया है। हाल ही में हुए आम चुनाव में BNP ने भारी बहुमत हासिल किया, जिसके बाद मंगलवार (17 फरवरी 2026) को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन्हें शपथ दिलाई। यह शपथ ग्रहण संसद भवन के बाहर एक भव्य समारोह में हुआ, जहां तारिक रहमान ने कहा, “मैं कानून के अनुसार प्रधानमंत्री के कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करूंगा।”
यह चुनाव 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह (जिसमें शेख हसीना की सरकार गिर गई थी) के बाद पहला बड़ा चुनाव था। BNP ने दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतीं, और तारिक रहमान 17 साल के स्व-निर्वासन (लंदन में) के बाद दिसंबर 2025 में वापस लौटे थे। वे पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के पुत्र हैं।
शपथ के बाद पहला संबोधन: अल्पसंख्यकों को सुरक्षा का वादा बुधवार (18 फरवरी 2026) को राष्ट्र के नाम अपने पहले टेलीविजन संबोधन में तारिक रहमान ने हिंदुओं समेत सभी अल्पसंख्यकों के लिए मजबूत संदेश दिया। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश हर नागरिक का देश है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो और किसी भी पार्टी को वोट दिया हो। मुस्लिम हो या हिंदू, बौद्ध हो या ईसाई, किसी भी विचारधारा का हो और पहाड़ों या मैदानों में कहीं भी रहता हो – इस देश में सभी के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जाएगा।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का सबसे बड़ा फोकस कानून-व्यवस्था सुधारने, भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करने और शांति-सुरक्षा बहाल करने पर रहेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब 2024 के विद्रोह के बाद हिंदू समुदाय पर कुछ हमलों की खबरें आई थीं, और अल्पसंख्यक सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
सरकार के प्रमुख एजेंडे:
- कानून व्यवस्था मजबूत करना और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन
- लोकतंत्र को मजबूत करना (संविधान में बदलावों को लागू करना)
- सभी धर्मों और विचारधाराओं के लोगों के लिए समावेशी बांग्लादेश
तारिक रहमान ने खुद को रक्षा मंत्रालय सहित कई महत्वपूर्ण विभाग सौंपे हैं। उनकी यह जीत बांग्लादेश में नई शुरुआत का प्रतीक मानी जा रही है, जहां पिछले 35 सालों में पहली बार पुरुष प्रधानमंत्री बने हैं






