जयपुर, 17 फरवरी 2026: भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई! भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जयपुर नगर निगम (हेरिटेज और ग्रेटर) की पशु प्रबंधन शाखा में रंगे हाथों तीन लोगों को ट्रैप किया है। इसमें दो वेटरनरी डॉक्टर और एक संविदाकर्मी शामिल हैं, जिन्होंने आवारा श्वानों (कुत्तों) की नसबंदी और टीकाकरण के बिल पास करने के बदले 4 लाख रुपये की रिश्वत ली।
ट्रैप किए गए आरोपी:
- संविदाकर्मी/कंप्यूटर ऑपरेटर: जितेंद्र सिंह शेखावत (पशु प्रबंधन शाखा में तैनात)
- डॉक्टर: डॉ. योगेश शर्मा
- डॉक्टर: डॉ. राकेश कलोरिया
ACB की जयपुर सिटी-1 यूनिट ने एक ठेकेदार की शिकायत पर ऑपरेशन चलाया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने नसबंदी और टीकाकरण के अधूरे बिल (करीब 75 लाख रुपये तक के) पास करने के लिए कुल 15-16 लाख रुपये की मांग की थी। इसमें डॉ. योगेश शर्मा ने 12 लाख और डॉ. राकेश कलोरिया ने नवंबर-दिसंबर 2025 के लिए 2 लाख प्रति माह की मांग की थी।
कार्रवाई का विवरण:
- संविदाकर्मी जितेंद्र शेखावत ने डॉक्टरों की ओर से 4 लाख रुपये की पहली किस्त रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
- इसके बाद दोनों डॉक्टरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।
- डीआईजी आनंद शर्मा के सुपरविजन में यह ट्रैप ऑपरेशन सफल रहा।
- पूरे अभियान पर डीजी ACB गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश थे।
यह मामला जयपुर में सड़क सुरक्षा और पशु कल्याण से जुड़ा है, जहां आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए सरकारी फंड से भुगतान होता है। ठेकेदारों को बिल पास कराने के लिए रिश्वत मांगने का यह सिलसिला अब बेनकाब हो गया है। ACB ने सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ भजनलाल सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताई जा रही है। शहर में ऐसे और मामलों की जांच तेज होने की संभावना है।






