जयपुर, 17 फरवरी 2026: राजस्थान में लंबे समय से लटके पंचायती राज चुनावों का रास्ता आखिरकार पूरी तरह साफ हो गया है! सुप्रीम कोर्ट ने परिसीमन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज कर दिया, जिससे अब कोई कानूनी बाधा नहीं बची। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। देरी केवल असाधारण परिस्थितियों में ही स्वीकार्य होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 के तहत जारी अंतिम परिसीमन अधिसूचनाओं (जिनमें पंचायत मुख्यालयों का पुनर्गठन और सीमांकन शामिल है) को वैध ठहराया। अदालत ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में न्यायिक हस्तक्षेप सीमित होना चाहिए और चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद अदालतों को परहेज करना चाहिए। पीठ ने टिप्पणी की, “राज्य की लोकतांत्रिक गतिविधि की जांच से परहेज किया जाना चाहिए।” यह फैसला 21 जनवरी 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर बेंच) द्वारा पारित आदेश को बरकरार रखता है, जिसमें भी याचिका खारिज की गई थी।
मुख्य बिंदु:
- एसएलपी खारिज: याचिकाकर्ताओं ने परिसीमन अधिसूचनाओं (20 नवंबर 2025 और 28 दिसंबर 2025 की संशोधित अधिसूचनाओं) को चुनौती दी थी, जिसमें मुख्यालय बदलने, दूरी और अन्य मुद्दों का आरोप था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में दखल से इनकार कर दिया।
- चुनाव समयसीमा: राज्य सरकार ने कोर्ट में आश्वासन दिया कि पूरी प्रक्रिया (मतदाता सूची प्रकाशन से मतदान तक) 15 अप्रैल 2026 तक पूरी हो जाएगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 25 फरवरी 2026 को प्रस्तावित है।
- राज्य चुनाव आयोग की तैयारी: अब राज्य चुनाव आयोग (SEC) चुनाव कार्यक्रम जल्द जारी कर सकता है। अनुमान है कि मार्च में मतदान और अप्रैल तक परिणाम घोषित हो जाएंगे। राज्य में करीब 14,635 सरपंच पदों और 1 लाख से अधिक वार्ड पंचों के चुनाव होंगे।
- प्रभाव: यह फैसला भजनलाल शर्मा सरकार के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि अब स्थानीय निकायों में संवैधानिक शासन बहाल होगा। चुनाव में देरी से जुड़े विवाद खत्म हो गए हैं।
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव पिछले कुछ समय से परिसीमन विवाद के कारण लंबित थे। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र मजबूत होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार ने कहा है कि चुनाव निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से कराए जाएंगे।






