नई दिल्ली/ढाका, 16 फरवरी 2026: भारत-बांग्लादेश संबंधों में नया अध्याय! लोकसभा स्पीकर ओम बिरला 17 फरवरी 2026 को ढाका में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई चुनी हुई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह कदम दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पड़ोसी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार को आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 17 फरवरी को ढाका में होने वाले इस ऐतिहासिक समारोह में भारत की ओर से मौजूद रहेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे AI Impact Summit 2026 (दिल्ली में 16-20 फरवरी) और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ बैठक के कारण शामिल नहीं हो पाएंगे।
बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव का संक्षिप्त बैकग्राउंड
- 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनावों में बीएनपी ने लैंडस्लाइड जीत हासिल की और 212 सीटें (300 में से) जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया।
- यह चुनाव 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद पहला बड़ा राष्ट्रीय चुनाव था, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार का पतन हुआ था।
- तारिक रहमान (बीएनपी चेयरमैन) 17 साल के स्व-निर्वासन के बाद वापस लौटे और अब प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।
- शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रीय संसद के साउथ प्लाजा में होगा, जहां नए सांसदों की सुबह और कैबिनेट की शाम को शपथ होगी।
भारत की उपस्थिति का महत्व
यह उच्चस्तरीय प्रतिनिधित्व दोनों देशों के बीच स्थिरता और निरंतरता का संकेत है। भारत ने बीएनपी की जीत पर बधाई दी है और तारिक रहमान से फोन पर बातचीत भी की। बीएनपी ने भारत के साथ संबंधों को रीसेट करने और बहुआयामी सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ओम बिरला की मौजूदगी से दोनों पड़ोसियों के बीच विश्वास बहाली होगी, खासकर सीमा, व्यापार, जल-साझेदारी और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर। यह ग्लोबल साउथ में भारत की सक्रिय कूटनीति का भी प्रमाण है।






