बांग्लादेश में राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन तारिक रहमान 17 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण ढाका के संसद भवन (जातीय संसद) के साउथ प्लाजा में शाम के समय होगा।
यह घटनाक्रम हाल ही में हुए आम चुनावों के बाद हो रहा है, जहां बीएनपी ने भारी बहुमत हासिल किया। फरवरी 2026 के चुनाव में बीएनपी को 209 सीटें मिलीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन को 68 सीटें प्राप्त हुईं। यह चुनाव 2024 के छात्र आंदोलन और शेख हसीना के इस्तीफे के बाद पहला बड़ा चुनाव था, जिसकी निगरानी अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने की। यूनुस की अंतरिम सरकार अब सत्ता हस्तांतरण के बाद समाप्त हो जाएगी।
शपथ समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए 13 देशों को निमंत्रण भेजा गया है। इनमें शामिल हैं:
- भारत
- पाकिस्तान
- चीन
- सऊदी अरब
- तुर्किये
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
- कतर
- मलेशिया
- ब्रुनेई
- श्रीलंका
- नेपाल
- मालदीव
- भूटान
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी व्यक्तिगत निमंत्रण मिला है, लेकिन 17 फरवरी को उनकी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुंबई में महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित होने के कारण वे शायद व्यक्तिगत रूप से शामिल न हों। भारत की ओर से उच्च स्तरीय प्रतिनिधि भेजा जा सकता है।
तारिक रहमान, जो खालिदा जिया के पुत्र और जियाउर रहमान के बेटे हैं, 17 साल के निर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में बांग्लादेश लौटे थे। उन्होंने बीएनपी को मजबूत किया और चुनाव में भारी जीत दिलाई। शपथ के बाद उनकी सरकार के सामने चुनौतियां होंगी, जैसे अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना, कानून-व्यवस्था सुधारना और पड़ोसी देशों (खासकर भारत) के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना।






