Explore

Search

February 14, 2026 1:05 pm

बांग्लादेश में तारिक़ रहमान का पीएम बनना भारत के लिए सबसे अच्छा विकल्प क्यों माना जा रहा है?

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनावों के नतीजे 13 फरवरी की सुबह आने शुरू हुए, जिनमें बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने संसद की 299 सीटों में से 212 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल किया है, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन को 77 सीटें मिली हैं। यह चुनाव 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद पहला बड़ा लोकतांत्रिक मतदान था, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को प्रतिबंधित होने के कारण हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिली थी।

इस बार भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परंपरा के मुताबिक 13 फरवरी की सुबह ही बीएनपी नेता और भावी प्रधानमंत्री तारिक रहमान को बधाई संदेश भेजा। पिछले चार चुनावों (2008, 2014, 2018 और 2024) में जहां अवामी लीग की जीत पर मोदी या मनमोहन सिंह ने सबसे पहले बधाई दी थी, वही इस बार राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुके हैं। अवामी लीग के चुनाव न लड़ने और शेख हसीना के भारत में निर्वासित होने के बावजूद भारत ने इस नई सरकार को जल्दी मान्यता दी है।

यह कदम दक्षिण एशिया में भारत-बांग्लादेश संबंधों की निरंतरता को दर्शाता है, भले ही सत्ता में बदलाव हो। मोदी के बधाई संदेश में दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया गया है। तारिक रहमान ने भी इस बधाई का स्वागत करते हुए कहा कि नई सरकार भारत के साथ “सकारात्मक और रचनात्मक” संबंध बनाए रखेगी।

वहीं, अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने चुनाव को “नए बांग्लादेश” की शुरुआत बताया है। मतदाता turnout करीब 59-60% रहा, और साथ ही हुए संवैधानिक संशोधनों के रेफरेंडम में भी ‘हां’ में भारी बहुमत मिला, जिसमें प्रधानमंत्री के दो कार्यकाल सीमा, संसद को द्विसदनीय बनाने जैसे बदलाव शामिल हैं।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर