सीकर से जयपुर जाने वाले नेशनल हाईवे (NH-52) पर आज सड़क निर्माण के दौरान एक बड़ी घटना ने सबको हिला दिया। सड़क डालने वाली पेवर मशीन (रोड कंस्ट्रक्शन मशीन) अचानक आग के गोले में तब्दील हो गई। आग की लपटें 10 फीट से ज्यादा ऊंची उठीं, जिससे आसपास का माहौल भयावह हो गया।
हादसे की वजह क्या थी?
- मशीन में रखा डामर (बिटुमेन) लिक्विड अत्यधिक गर्म हो गया था।
- गर्मी के कारण लिक्विड में किसी चिंगारी या स्पार्क से संपर्क होने पर आग लग गई।
- घटना बाजोर इलाके में प्रिंस हॉस्पिटल के सामने हुई, जहां फिलहाल सड़क चौड़ीकरण और डामरीकरण का काम चल रहा है।
- गोकुलपुरा थाना SHO प्रीति बेनीवाल ने बताया कि मशीन के पीछे डामर लिक्विड टैंक था, जो ज्यादा गर्म होने से भड़क उठा।
VIDEO में कैद हुआ भयंकर मंजर
सोशल मीडिया और लोकल रिपोर्ट्स में वायरल VIDEO में दिख रहा है कि मशीन से तेज लपटें निकल रही हैं, काला धुआं चारों तरफ फैल रहा है। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धुएं से भर गया। आसपास काम कर रहे मजदूर और ड्राइवर बाल-बाल बचे।
ट्रैफिक जाम और यात्रियों में हड़कंप
- हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया।
- जयपुर-सीकर रूट पर आने-जाने वाले वाहनों को काफी देर तक रोका गया।
- आग पर काबू पाने में करीब आधे घंटे लगे, जिसमें फायर ब्रिगेड और लोकल पुलिस की टीम ने मिलकर काम किया।
- किसी की जान नहीं गई, लेकिन मशीन को काफी नुकसान पहुंचा और सड़क निर्माण कार्य प्रभावित हुआ।
यह घटना गर्मियों में डामर वर्क के दौरान सावधानी की कमी को दर्शाती है। ऐसे कामों में तापमान कंट्रोल और सेफ्टी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन जरूरी है, वरना छोटी चूक बड़ी तबाही मचा सकती है।






