नई दिल्ली: रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर! भारतीय रेलवे ने अमृत भारत और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा (Emergency Quota) लागू करने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड ने 9 फरवरी 2026 को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इससे अचानक यात्रा करने वाले यात्रियों, जैसे मेडिकल इमरजेंसी, पारिवारिक संकट, सरकारी ड्यूटी या अन्य जरूरी मामलों में सीट/बर्थ मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
पहले क्या था और अब क्या बदलाव?
अब तक इन नई पीढ़ी की ट्रेनों (अमृत भारत-II और वंदे भारत स्लीपर) में केवल महिला कोटा, दिव्यांग कोटा, वरिष्ठ नागरिक कोटा और ड्यूटी पास कोटा लागू था। इमरजेंसी कोटा नहीं था, जिससे आपात स्थिति में टिकट मिलना मुश्किल हो जाता था। अब इमरजेंसी कोटा जोड़ दिया गया है, जिससे कुल कोटा की संख्या बढ़ गई है।
इमरजेंसी कोटा की डिटेल्स
- अमृत भारत ट्रेनों में: जिन ट्रेनों में 7 या इससे अधिक स्लीपर (SL) कोच होंगे, उनमें शुरुआत में 24 बर्थ इमरजेंसी कोटा के तहत रिजर्व रखी जाएंगी। यह संख्या जरूरत के अनुसार एडजस्ट की जा सकती है।
- वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में: विभिन्न श्रेणियों (1A, 2A, 3A आदि) में तय संख्या में सीटें/बर्थ इमरजेंसी कोटा के लिए अलग रखी जाएंगी। यह संख्या ट्रेन और क्लास के आधार पर अलग-अलग होगी।
इमरजेंसी कोटा किसके लिए और कैसे मिलेगा?
इमरजेंसी कोटा सामान्य यात्रियों के लिए खुला नहीं होता। यह मुख्य रूप से निम्नलिखित मामलों में उपलब्ध होता है:
- गंभीर बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी
- पारिवारिक संकट (जैसे अंतिम संस्कार, बीमारी आदि)
- सरकारी ड्यूटी या आधिकारिक काम
- उच्च पदाधिकारियों की सिफारिश पर
यह कोटा चार्ट तैयार होने से पहले या कुछ मामलों में चार्ट बनने के बाद भी एडजस्ट किया जा सकता है। आवंटन रेलवे के नियमों के अनुसार जोनल रेलवे द्वारा किया जाएगा।
यात्रियों को क्या फायदा?
- अचानक यात्रा की जरूरत पड़ने पर टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।
- तत्काल बुकिंग से अलग, यह कोटा विशेष परिस्थितियों के लिए है और दुरुपयोग रोकने के सख्त नियम हैं।
- अमृत भारत ट्रेनें कम आय वर्ग के यात्रियों के लिए सस्ती और सुविधाजनक हैं, जबकि वंदे भारत स्लीपर तेज और आधुनिक सुविधाओं वाली हैं। इमरजेंसी कोटा इन दोनों में अब उपलब्ध होने से यात्रा और आसान हो जाएगी।
रेलवे ने कहा है कि यह फैसला यात्रियों की सुविधा और आपात जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। फिलहाल यह व्यवस्था लागू हो चुकी है और सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।






