जयपुर में ब्लैकमेलिंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर आरोपी ने नकली बाल (विग) और चश्मा लगाकर अपनी पहचान छिपाई और एनआईए (National Institute of Ayurveda) के एक स्कॉलर डॉक्टर से एक साल में करीब 10 लाख रुपये की उगाही की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
आरोपी का नाम सील्वेस्टर मायकल फर्नांडीस है, जो मूल रूप से मुंबई के वसई वेस्ट, पालघर का निवासी है। उसने मुंबई से फूड मैनेजमेंट का कोर्स किया था और पिछले डेढ़ साल से जयपुर के केशवपुरा-भांकरोटा इलाके में फूड से जुड़ा काम कर रहा था।
ब्लैकमेलिंग का पूरा जाल
पीड़ित डॉ. रवि, जो एनआईए (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद) में पीएचडी स्कॉलर हैं। करीब एक साल पहले आरोपी की मुलाकात डॉ. रवि से हुई थी। आरोपी ने धीरे-धीरे उनका भरोसा जीता और खुद को करीबी परिचित बना लिया।
फिर उसने डॉ. रवि को धमकाना शुरू किया कि उनके अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। आरोपी ने खुद को पुलिस से जुड़ा व्यक्ति बताकर गिरफ्तारी रोकने के नाम पर बार-बार पैसे मांगे। यदि पैसे नहीं दिए तो पुलिस में शिकायत करने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इस तरह एक साल में उसने कुल लगभग 10 लाख रुपये ऐंठ लिए।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
पीड़ित डॉ. रवि मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए थे। उन्होंने 10 फरवरी 2026 को ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत तकनीकी और गोपनीय जांच शुरू की तथा आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी।
मंगलवार रात (11 फरवरी 2026) को पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी ने नकली बालों की विग और चश्मा पहन रखा था, जिससे वह बिल्कुल अलग व्यक्ति लग रहा था। विग और चश्मा हटाने पर उसकी असली पहचान खुली।
आगे की कार्रवाई
आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 13 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। ब्रह्मपुरी थानाधिकारी हेमंत कुमार के अनुसार, पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और मामले की जांच जारी है।
यह मामला एक बार फिर साइबर और ब्लैकमेलिंग अपराधों के बढ़ते खतरे को दर्शाता है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और ऐसी धमकियों पर तुरंत शिकायत करने की अपील की है।






