दुनिया भर के बाजारों में सोने-चांदी के भावों में हाल के दिनों से भारी गिरावट जारी है। भारत सहित अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड-सिल्वर (Gold-Silver Prices Crash) के रेट्स में तेजी से कमी आई है। 7 फरवरी 2026 को MCX पर गोल्ड और सिल्वर के भावों में उतार-चढ़ाव के साथ कुल मिलाकर गिरावट देखी जा रही है। हाल ही में रॉकेट की स्पीड से चढ़े दाम अब अपने ऑल-टाइम हाई से काफी नीचे आ चुके हैं, जिससे निवेशकों में मुनाफावसूली और करेक्शन की धारणा मजबूत हुई है।
आज के ताजा भाव (7 फरवरी 2026)
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) और अन्य प्रमुख स्रोतों के अनुसार:
- 24 कैरेट सोना: ₹1,52,078 प्रति 10 ग्राम (पिछले सेशन से ₹424 की गिरावट)। प्रति ग्राम के हिसाब से लगभग ₹15,370।
- 22 कैरेट सोना: ₹1,39,303 प्रति 10 ग्राम (पिछले से गिरावट के साथ)। प्रति ग्राम के हिसाब से लगभग ₹14,089।
- चांदी: ₹2,74,900 प्रति किलोग्राम (या ₹274.90 प्रति ग्राम)। पिछले दिनों में चांदी में 10-16% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
MCX पर वायदा भाव में भी सोना ₹1,53,000 के आसपास और चांदी ₹2,49,000-2,55,000 के बीच ट्रेड कर रही है, लेकिन कुल ट्रेंड निचला ही बना हुआ है। विभिन्न शहरों में भाव थोड़े अलग-अलग हो सकते हैं (जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई में ₹15,370-15,545 प्रति ग्राम 24K)।
गिरावट के पीछे प्रमुख वजहें
हालिया तेजी के बाद अब तेज करेक्शन देखने को मिल रहा है। मुख्य कारण:
- अमेरिकी डॉलर की मजबूती: डॉलर इंडेक्स में उछाल से सोना-चांदी जैसे गैर-उपज वाले एसेट्स पर दबाव बढ़ा है। मजबूत डॉलर विदेशी खरीदारों के लिए इन्हें महंगा बनाता है।
- फेड रेट कट उम्मीदों में कमी: फेड के हॉकिश संकेत और नए फेड चेयर (Kevin Warsh) की नियुक्ति से रेट कट की संभावना घटी, जिससे सुरक्षित निवेश की मांग कम हुई।
- मुनाफावसूली और स्पेकुलेटिव सेलिंग: जनवरी में रिकॉर्ड हाई (सोना ~₹1.93 लाख/10g, चांदी ~₹4.20 लाख/kg) के बाद निवेशक मुनाफा बुक कर रहे हैं। मार्जिन बढ़ोतरी और वोलेटिलिटी ने भी सेलिंग बढ़ाई।
- भू-राजनीतिक तनाव में कमी: कुछ क्षेत्रों (जैसे US-Iran बातचीत) में तनाव कम होने से सेफ-हेवन डिमांड घटी।
- अन्य फैक्टर: ग्लोबल टेक स्टॉक सेलऑफ, चीन में गोल्ड डिमांड में कमी और इंडस्ट्रियल डिमांड में उतार-चढ़ाव।
क्या आगे और सस्ता होगा? निवेश की सलाह
- शॉर्ट टर्म: वोलेटिलिटी बनी रहेगी। अगर डॉलर और मजबूत हुआ या रेट कट उम्मीदें और कम हुईं तो गिरावट जारी रह सकती है। लेकिन ₹1,45,000-1,48,000 (सोना) और ₹2,35,000-2,50,000 (चांदी) के सपोर्ट लेवल पर खरीदारी आ सकती है।
- लॉन्ग टर्म: अधिकांश एक्सपर्ट्स का मानना है कि बुलिश स्ट्रक्चर बरकरार है। सेंट्रल बैंक खरीदारी, इन्फ्लेशन, ग्लोबल अनिश्चितता से सोना-चांदी में रिकवरी की संभावना मजबूत है। गिरावट को खरीदारी का मौका मान सकते हैं, लेकिन जोखिम प्रबंधन जरूरी।
- सलाह: निवेश से पहले लेटेस्ट MCX/IBJA रेट चेक करें, लोकल सर्राफा बाजार से पुष्टि लें। कोई भी निवेश व्यक्तिगत रिसर्च या एडवाइजर से सलाह लेकर करें।






