लोकसभा में बजट सत्र के दौरान पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित मेमोयर (संस्मरण) को लेकर आज भी तीखा गतिरोध जारी रहा। प्रश्नकाल की शुरुआत होते ही विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल बिना चले ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
यह विवाद पिछले कुछ दिनों से संसद में छाया हुआ है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘Four Stars of Destiny’ से जुड़े एक मैगजीन लेख (कारवां मैगजीन) के अंशों का हवाला देने की कोशिश की। इन अंशों में कथित तौर पर 2020 के भारत-चीन सीमा गतिरोध (पूर्वी लद्दाख) और राजनीतिक स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया पर टिप्पणियां हैं, जिसे लेकर विपक्ष सरकार पर हमला बोल रहा है।
सत्ता पक्ष ने इसका कड़ा विरोध किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताई कि अप्रकाशित किताब या न्यूज रिपोर्ट के आधार पर सदन में उद्धरण नहीं दिए जा सकते। लोकसभा अध्यक्ष ने भी संसदीय नियमों का हवाला देते हुए राहुल गांधी को ऐसे उद्धरण देने से रोका। हंगामे के बीच कुछ कांग्रेस सांसदों को सदन से निलंबित भी किया गया, जिससे विवाद और भड़क गया।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार नरवणे मेमोयर के जरिए सामने आने वाली ‘सच्चाई’ से बच रही है, जबकि सत्ता पक्ष इसे संसदीय मर्यादा का उल्लंघन बता रहा है। जनरल नरवणे की यह किताब अभी प्रकाशन की प्रक्रिया में है और रक्षा मंत्रालय से अनुमति का इंतजार कर रही है।






