केंद्रीय बजट 2026-27 में स्वास्थ्य, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ी राहत मिली है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें जीवन रक्षक दवाओं से लेकर स्वच्छ ऊर्जा तक के क्षेत्र शामिल हैं।
सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) पूरी तरह हटा दी है। इनमें Ribociclib, Abemaciclib, Venetoclax, Ceritinib, Brigatinib जैसी एडवांस्ड कैंसर थेरेपी वाली दवाएं शामिल हैं। इससे कैंसर मरीजों के इलाज की लागत में काफी कमी आएगी और ये दवाएं भारतीय बाजार में सस्ती उपलब्ध होंगी।
इसके अलावा, 7 दुर्लभ बीमारियों (rare diseases) के इलाज के लिए विदेश से व्यक्तिगत उपयोग हेतु मंगाई जाने वाली दवाओं, दवाइयों और विशेष मेडिकल फूड पर भी इंपोर्ट ड्यूटी से छूट दी गई है। इससे हीमोफिलिया, सिकल सेल एनीमिया जैसी दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। लिथियम-आयन सेल और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी की छूट का दायरा बढ़ाया गया है। सोलर ग्लास बनाने में उपयोग होने वाले सोडियम एंटीमोनेट पर ड्यूटी 7.5% से घटाकर शून्य कर दी गई है। साथ ही, क्रिटिकल मिनरल्स जैसे मोनाजाइट पर भी ड्यूटी हटाई गई है। इन कदमों से इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल और अन्य ग्रीन एनर्जी उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा कीमतें कम होने की उम्मीद है।
बजट में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को प्रोत्साहन देने के लिए ड्यूटी संरचना को सरल बनाया गया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में शेयर बाजार से जुड़े ट्रांजेक्शन (जैसे STT में बदलाव) और लग्जरी आयात को महंगा किया गया है। कुल मिलाकर, यह बजट स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने, स्वदेशी उत्पादन को मजबूत करने और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा पर फोकस करता है।






