ओडिशा की अर्थव्यवस्था ने मजबूत छलांग लगाई है। राज्य का नेट स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (एनएसडीपी) 2023-24 में 6.99 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में अनुमानित 7.90 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस दौरान आर्थिक वृद्धि दर 13.04 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की 12.44 प्रतिशत से तेज है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि ये आंकड़े आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में शामिल हैं, जिसे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया। सीएम माझी ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति एनएसडीपी बढ़कर 1,68,966 रुपये पहुंच गई है, जो लोगों की आय में वृद्धि और जीवन स्तर में सुधार का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने जोर दिया कि आर्थिक सर्वेक्षण ओडिशा के समावेशी और सतत विकास की पुष्टि करता है।
प्रमुख हाइलाइट्स:
- एनएसडीपी में वृद्धि: 6.99 लाख करोड़ से 7.90 लाख करोड़ रुपये (13.04% ग्रोथ)
- प्रति व्यक्ति एनएसडीपी: 1,68,966 रुपये (12.33% की वृद्धि)
- कृषि क्षेत्र मजबूत: ओडिशा अब देश के टॉप-3 सूरजमुखी उत्पादक राज्यों में शामिल, फसल विविधीकरण और उत्पादकता पर फोकस
- वित्तीय समावेशन: बैंक डिपॉजिट बढ़कर 5.83 लाख करोड़ रुपये पहुंचे, बचत और निवेश में मजबूती
- अन्य क्षेत्रों में सराहना: स्किलिंग मॉडल, क्लाइमेट एडाप्टेशन, वाटर गवर्नेंस, ट्राइबल फार्मिंग, मो कॉलेज इनिशिएटिव और सेमीकंडक्टर पॉलिसी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया
मुख्यमंत्री ने कहा, “ओडिशा समावेशी और सतत विकास के रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार इस विकास को हर ओड़िया तक उच्च आय, गुणवत्तापूर्ण रोजगार और बेहतर अवसरों के रूप में पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
आर्थिक सर्वेक्षण में ओडिशा के कई मॉडल को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया गया है, जैसे कि शहरी कचरा प्रबंधन में ‘गार्बेज-फ्री अर्बन ओडिशा’ मिशन, सिंचाई और एक्वाकल्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में पानी की उत्पादकता में 28.8% और कृषि उत्पादन में 67.8% की बढ़ोतरी।
विश्लेषकों का मानना है कि खनिज संसाधन, औद्योगिक नीतियां, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और कृषि सुधारों के कारण ओडिशा की अर्थव्यवस्था तेजी से मजबूत हो रही है। राज्य अब राष्ट्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और भविष्य में और तेज प्रगति की उम्मीद है। निवेशकों और विशेषज्ञों की नजर अब ओडिशा पर टिकी हुई है।






