30 जनवरी 2026 को कीमती धातुओं के बाजार में भारी उथल-पुथल मची, जहां सोने, चांदी और प्लैटिनम की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
सोने की कीमत में लगभग 12 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जबकि चांदी में 26 प्रतिशत तक का भयंकर नुकसान हुआ। प्लैटिनम भी 18 प्रतिशत नीचे आ गया। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बाजार में देखी गई, जहां सोना अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे फिसला और चांदी ने 1980 के दशक के बाद सबसे खराब दिन दर्ज किया।
इससे पहले जनवरी महीने में इन धातुओं में जबरदस्त रैली देखी गई थी। सोना $5,000 प्रति औंस के पार पहुंचा था और चांदी $120 के आसपास छू चुकी थी, जिससे ये ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर पहुंच गई थीं। लेकिन महीने के आखिरी दिनों में तेज उतार-चढ़ाव के साथ मुनाफा वसूली शुरू हुई, जिसने बाजार को हिला दिया।
यूके स्थित इन्वेस्टमेंट बैंक पैनम्योर लिबेरम के कमोडिटी विश्लेषक टॉम प्राइस ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया, “यह बाजार के शिखर पर पहुंचने का क्लासिक रवैया है। भ्रम और अनिश्चितता है। हर कोई स्पष्टता की तलाश में है।”
ट्रेडिंग सर्विस से जुड़े ग्रुप एमकेएस पैम्प की विश्लेषक निकी शील्स ने कहा कि गुरुवार और शुक्रवार को हुए ये तेज उतार-चढ़ाव उस महीने के अंत में आए हैं, जिसे “कीमती धातुओं के इतिहास का सबसे अधिक अस्थिर महीना” कहा जा सकता है।
विश्लेषकों के अनुसार, इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व चेयर के लिए केविन वार्श को नामित करने की खबर है, जिससे फेड की स्वतंत्रता पर चिंताएं कम हुईं और डॉलर मजबूत हुआ। इससे निवेशकों ने सुरक्षित माने जाने वाले इन एसेट्स से मुनाफा निकाला। महीने भर की तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग और महीने के अंतिम दिन की पोजिशनिंग ने इस क्रैश को और तेज कर दिया।
हालांकि, कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सुधार अस्थायी हो सकता है, क्योंकि लंबी अवधि में भू-राजनीतिक अनिश्चितता, मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से कीमती धातुओं में तेजी बनी रह सकती है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहें।






