सोने की कीमत पहली बार $5,000 प्रति औंस के पार पहुंच गई है, जो एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। यह उछाल 2025 में हुई 60% से ज्यादा की जबरदस्त रैली को और मजबूत कर रहा है। आज (26 जनवरी 2026) अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $5,000 से ऊपर ट्रेड कर रहा है, कुछ रिपोर्ट्स में यह $5,035 से $5,079 तक पहुंच चुका है।
यह तेजी कई बड़े कारणों से आई है:
- दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव: US-NATO और ग्रीनलैंड विवाद, चल रहे युद्ध और वैश्विक अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर धकेला है।
- ट्रंप की नई टैरिफ धमकियां: अमेरिकी राष्ट्रपति की व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता ने बाजार में हलचल मचा दी है।
- महंगाई का दबाव और कमजोर अमेरिकी डॉलर: डॉलर में कमजोरी से सोना और आकर्षक हो गया है।
- फेड की ब्याज दर कटौती की उम्मीद: अमेरिकी फेडरल रिजर्व से दरों में कटौती की संभावना ने भी गोल्ड को सपोर्ट किया है।
ऐसे माहौल में सोना फिर से दुनिया का सबसे पसंदीदा सेफ-हेवन एसेट बन गया है। निवेशक अनिश्चितता के दौर में सोने की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे इसकी मांग और कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। चांदी भी चमक रही है और $100+ प्रति औंस के स्तर को छू चुकी है।
बीबीसी की एक खास रिपोर्ट में भी इस रिकॉर्ड उछाल पर चर्चा की गई है, जहां बताया गया है कि सोना $5,000 (£3,659 के आसपास) प्रति औंस के पार जा पहुंचा है, जो वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की मांग का नतीजा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह रुझान जारी रह सकता है, क्योंकि वैश्विक जोखिम कम होने के संकेत नहीं दिख रहे। बैंक ऑफ अमेरिका जैसी संस्थाएं तो 2026 की वसंत तक $6,000 प्रति औंस का अनुमान भी लगा रही हैं।






