Explore

Search

January 28, 2026 6:55 am

तीन दिन बाद ‘मदर ऑफ ऑल डील’ का ऐलान, आज भारत पहुंच रहे EU के टॉप लीडर्स

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर अब मुहर लगने वाली है। इस ऐतिहासिक डील को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है, क्योंकि यह अब तक की सबसे बड़ी और सबसे प्रभावशाली व्यापार समझौतों में से एक होगी। 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में होने वाले 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में इसकी औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने स्विट्जरलैंड के दावोस में इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यह डील 27 EU देशों को ‘फर्स्ट मूवर एडवांटेज’ देगी और दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाई देगी। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया है।

EU टॉप लीडर्स की भारत यात्रा

  • 24 जनवरी: उर्सुला वॉन डेर लेयेन दोपहर 2:40 बजे नई दिल्ली पहुंच रही हैं। शाम 6 बजे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से होटल इंपीरियल में मुलाकात होगी।
  • 26 जनवरी: गणतंत्र दिवस परेड में EU प्रतिनिधि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जो भारत-EU संबंधों की गहराई को दर्शाएगा।
  • 27 जनवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर सम्मेलन, राष्ट्रपति से मुलाकात और प्रेस कॉन्फ्रेंस में डील का ऐलान। फोकस ट्रेड, टेक्नोलॉजी, जलवायु संरक्षण और रणनीतिक सहयोग पर रहेगा।
  • 28 जनवरी: EU लीडर्स वापस रवाना।

यह 5 दिवसीय दौरा राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर संबंधों को मजबूत करेगा, साथ ही वैश्विक तनाव (खासकर अमेरिकी टैरिफ) के बीच भारत की विविधीकरण रणनीति को बल देगा।

डील के प्रमुख फायदे

  • 2024-25 में भारत-EU द्विपक्षीय व्यापार ₹11.8 लाख करोड़ ($136.5 अरब) था, जो इस समझौते के बाद 200 अरब डॉलर से अधिक पहुंच सकता है।
  • भारत के टेक्सटाइल्स, ज्वेलरी, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और केमिकल्स के एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी।
  • EU से कार्स, वाइन, मशीनरी और अन्य प्रोडक्ट्स पर टैरिफ में कटौती, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को सस्ते विकल्प मिलेंगे।
  • लाखों नई नौकरियां, स्टार्टअप्स और कंपनियों के लिए बड़े निवेश के अवसर।
  • अमेरिका के उच्च टैरिफ (50% तक) के प्रभाव को कम करने के लिए वैकल्पिक मार्केट, जिससे भारत की निर्भरता घटेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति देगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका को मजबूत करेगी। EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि FTA से चीन, रूस और अमेरिका पर निर्भरता कम होगी और 2 अरब लोगों का बाजार बनेगा, जो वैश्विक जीडीपी का एक-चौथाई है।

27 जनवरी को होने वाला ऐलान भारत-EU संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करेगा।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर