नई दिल्ली, 20 जनवरी 2026 – केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है, और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 (रविवार) को सुबह 11 बजे संसद में बजट पेश करेंगी। इस बार बजट में कई महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद है, खासकर टैक्सेशन में।
सबसे बड़ी बात यह है कि पुराना आयकर अधिनियम, 1961 (Income Tax Act, 1961) को पूरी तरह खत्म कर नया ‘इनकम टैक्स एक्ट, 2025’ लागू करने की तैयारी है। यह नया कानून 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। हालांकि, अंतिम फैसला और स्पष्ट घोषणाएं 1 फरवरी को वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद ही होंगी, लेकिन एक्सपर्ट्स और रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ प्रमुख बदलावों की संभावना मजबूत है।
संभावित प्रमुख बदलाव क्या हो सकते हैं?
- नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 का पूरा प्रभाव
- 60 साल पुराना 1961 का कानून खत्म होगा।
- नया एक्ट सरल भाषा, कम सेक्शन और आधुनिक तरीके से लिखा गया है।
- ‘Previous Year’ और ‘Assessment Year’ की जगह सिर्फ ‘Tax Year’ का इस्तेमाल होगा, जिससे टैक्स फाइलिंग आसान हो जाएगी।
- टैक्स कंप्लायंस, रिकवरी और नोटिस सिस्टम को डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाया जाएगा।
- न्यू टैक्स रिजीम को और आकर्षक बनाने की संभावना
- पिछले बजट में न्यू टैक्स रिजीम को डिफॉल्ट बनाया गया था और स्लैब में राहत दी गई थी (₹12 लाख तक टैक्स-फ्री)।
- इस बार एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्लैब में थोड़ा और एडजस्टमेंट, रिबेट बढ़ाना या कुछ डिडक्शन (जैसे HRA, 80C) को फिर से शामिल किया जा सकता है।
- मिडिल क्लास के लिए बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाने या महंगाई के हिसाब से इंडेक्स करने की मांग जोरदार है।
- अन्य टैक्स से जुड़े बदलाव
- FD ब्याज पर टैक्सेशन में राहत – जैसे ₹2 लाख तक ब्याज पर 30% कटौती या TDS छूट की मांग।
- फ्लेक्सी FD जैसे नए प्रोडक्ट्स को प्रोत्साहन।
- कॉर्पोरेट टैक्स, FDI और बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग में टैक्स न्यूट्रैलिटी सुनिश्चित करने के लिए बदलाव।
- सीनियर सिटीजन या फैमिली के लिए जॉइंट टैक्सेशन का ऑप्शन (ICAI की सिफारिश)।
बजट सत्र का शेड्यूल
- 28 जनवरी: सत्र शुरू, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संयुक्त संबोधन।
- 1 फरवरी: बजट पेश (रविवार को सुबह 11 बजे)।
- इसके बाद फाइनेंस बिल पेश होगा, जिसमें नए टैक्स एक्ट में संशोधन शामिल होंगे।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार स्थिरता पर फोकस कर सकती है, क्योंकि पिछले बजट में बड़े बदलाव हो चुके हैं। लेकिन मिडिल क्लास, सैलरीड टैक्सपेयर्स और निवेशकों को राहत देने की उम्मीद बनी हुई है।
अंतिम अपडेट्स के लिए 1 फरवरी का इंतजार करें – बजट भाषण के बाद ही साफ तस्वीर उभरेगी। क्या आपको लगता है कि इस बार टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव होगा? कमेंट में बताएं!






