Union Budget 2026-27 (वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट) की तैयारियों का अंतिम चरण शुरू होने वाला है। पारंपरिक ‘हलवा समारोह’ (Halwa Ceremony) अगले सप्ताह (जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में) होने की उम्मीद है।
यह दशकों पुरानी रस्म है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण खुद हलवा बनवाती और बांटती हैं। यह बजट दस्तावेजों की छपाई की शुरुआत का प्रतीक है। समारोह के बाद, बजट से जुड़े सभी कर्मचारी और अधिकारी ‘लॉक-इन’ या आइसोलेशन मोड में चले जाते हैं — वे North Block (या संबंधित प्रिंटिंग प्रेस) में रहते हैं, बाहर नहीं जा सकते, मोबाइल/इंटरनेट पर पाबंदी होती है, और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए CCTV और सुरक्षा व्यवस्था रहती है। यह परंपरा बजट लीक रोकने के लिए 1950 के दशक से चली आ रही है।
इस बार बजट 1 फरवरी 2026 (रविवार) को सुबह 11 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा — यह पहली बार है जब बजट रविवार को पेश होगा (हालांकि पहले भी वीकेंड पर पेश हो चुका है)। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा (दो चरणों में)।
बजट 2026 की प्रमुख अपेक्षाएं (Expectations)
- टैक्स राहत: सैलरीड क्लास को इनकम टैक्स में छूट बढ़ाने की मांग तेज है (जैसे बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट या 80C लिमिट बढ़ाना)।
- कैपेक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: रोड, रेल, EV, AI, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस।
- सेक्टर-विशेष: AYUSH, टूरिज्म, रियल एस्टेट, MSME, एग्रीकल्चर और एक्सपोर्ट्स को सपोर्ट (PLI स्कीम विस्तार)।
- ग्लोबल चुनौतियां: US टैरिफ्स और इकोनॉमिक ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए सेल्फ-रिलायंस पर जोर।






