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January 16, 2026 2:46 pm

Internship scam : साइबर ठगों की नई चाल, Gen-Z को ऐसे बना रहे शिकार, सेफ्टी का सबसे सिंपल तरीका

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इंटर्नशिप स्कैम: साइबर ठगों की नई चाल, Gen-Z और युवाओं को कैसे बना रहे शिकार?

12 जनवरी 2026 को आज तक ने एक महत्वपूर्ण खबर प्रकाशित की है, जिसमें बताया गया है कि साइबर स्कैमर्स अब फेक इंटर्नशिप के नाम पर Gen-Z और युवा स्टूडेंट्स को टारगेट कर रहे हैं। कॉलेज का प्रेशर, सर्टिफिकेट की जरूरत और जल्दी अनुभव पाने की चाहत का फायदा उठाकर ये ठग छात्रों को जाल में फंसाते हैं।

यह स्कैम पिछले कुछ महीनों में काफी बढ़ गया है, खासकर सोशल मीडिया, WhatsApp ग्रुप्स और फेक वेबसाइट्स के जरिए।

इंटर्नशिप स्कैम कैसे काम करता है?

  • स्कैमर्स खुद को HR एग्जीक्यूटिव या कंपनी के प्रतिनिधि बताते हैं।
  • वे फ्री या गारंटीड इंटर्नशिप का झांसा देते हैं, जिसमें अच्छा स्टाइपेंड, सर्टिफिकेट और प्लेसमेंट असिस्टेंस का वादा होता है।
  • शुरू में भरोसा जीतने के लिए कुछ छोटे टास्क देते हैं।
  • फिर वे पैसे मांगते हैं — जैसे “रजिस्ट्रेशन फीस”, “ट्रेनिंग चार्ज”, “सिक्योरिटी डिपॉजिट” या “कोर्स/सर्टिफिकेट फीस”।
  • कुछ मामलों में वे KYC के नाम पर आधार, पैन, बैंक डिटेल्स या OTP मांगते हैं, जिससे बैंक अकाउंट में सेंधमारी या आईडेंटिटी थेफ्ट होती है।
  • पैसे देने के बाद कोई काम नहीं मिलता, कोई सर्टिफिकेट नहीं आता, और संपर्क टूट जाता है।

फेक इंटर्नशिप पहचानने के प्रमुख रेड फ्लैग्स (चेतावनी संकेत)

  • पैसे मांगना: असली इंटर्नशिप कभी रजिस्ट्रेशन या फीस नहीं मांगती। (यह सबसे बड़ा संकेत!)
  • बहुत आसान प्रक्रिया: सिर्फ Google फॉर्म भरने या WhatsApp ग्रुप जॉइन करने से इंटर्नशिप मिल जाना।
  • अनजान कंपनी/फेक वेबसाइट: कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट नहीं, LinkedIn प्रोफाइल फेक, या कोई ऑफर लेटर नहीं।
  • बहुत ज्यादा स्टाइपेंड का वादा: ₹30,000/महीना जैसा बिना इंटरव्यू के।
  • WhatsApp/Telegram ग्रुप्स में ही कम्युनिकेशन, कोई ईमेल या ऑफिशियल कॉल नहीं।
  • तुरंत पेमेंट का प्रेशर: “जल्दी करो, सीट्स लिमिटेड हैं” जैसे बहाने।

बचाव के आसान और जरूरी टिप्स

  • हमेशा वेरिफाई करें: कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट, LinkedIn पेज, Glassdoor रिव्यूज चेक करें। अगर कंपनी नई या अनजान है, तो दोबारा सोचें।
  • कभी पैसे न दें: कोई भी जेनुइन इंटर्नशिप फीस नहीं लेती। अगर पैसे मांगे जाएं, तो तुरंत ब्लॉक करें।
  • आधिकारिक सोर्स से अप्लाई करें:सरकारी पोर्टल्स (जैसे pminternship.mca.gov.in PM इंटर्नशिप स्कीम के लिए) या यूनिवर्सिटी प्लेसमेंट सेल का इस्तेमाल करें।
  • डॉक्यूमेंट्स शेयर न करें: आधार, पैन, बैंक डिटेल्स या OTP किसी अनजान व्यक्ति को न दें।

    इंटर्नशिप स्कैम: साइबर ठगों की नई चाल, Gen-Z और युवाओं को कैसे बना रहे शिकार?

    12 जनवरी 2026 को आज तक ने एक महत्वपूर्ण खबर प्रकाशित की है, जिसमें बताया गया है कि साइबर स्कैमर्स अब फेक इंटर्नशिप के नाम पर Gen-Z और युवा स्टूडेंट्स को टारगेट कर रहे हैं। कॉलेज का प्रेशर, सर्टिफिकेट की जरूरत और जल्दी अनुभव पाने की चाहत का फायदा उठाकर ये ठग छात्रों को जाल में फंसाते हैं।

    यह स्कैम पिछले कुछ महीनों में काफी बढ़ गया है, खासकर सोशल मीडिया, WhatsApp ग्रुप्स और फेक वेबसाइट्स के जरिए।

    इंटर्नशिप स्कैम कैसे काम करता है?

    • स्कैमर्स खुद को HR एग्जीक्यूटिव या कंपनी के प्रतिनिधि बताते हैं।
    • वे फ्री या गारंटीड इंटर्नशिप का झांसा देते हैं, जिसमें अच्छा स्टाइपेंड, सर्टिफिकेट और प्लेसमेंट असिस्टेंस का वादा होता है।
    • शुरू में भरोसा जीतने के लिए कुछ छोटे टास्क देते हैं।
    • फिर वे पैसे मांगते हैं — जैसे “रजिस्ट्रेशन फीस”, “ट्रेनिंग चार्ज”, “सिक्योरिटी डिपॉजिट” या “कोर्स/सर्टिफिकेट फीस”।
    • कुछ मामलों में वे KYC के नाम पर आधार, पैन, बैंक डिटेल्स या OTP मांगते हैं, जिससे बैंक अकाउंट में सेंधमारी या आईडेंटिटी थेफ्ट होती है।
    • पैसे देने के बाद कोई काम नहीं मिलता, कोई सर्टिफिकेट नहीं आता, और संपर्क टूट जाता है।

    फेक इंटर्नशिप पहचानने के प्रमुख रेड फ्लैग्स (चेतावनी संकेत)

    • पैसे मांगना: असली इंटर्नशिप कभी रजिस्ट्रेशन या फीस नहीं मांगती। (यह सबसे बड़ा संकेत!)
    • बहुत आसान प्रक्रिया: सिर्फ Google फॉर्म भरने या WhatsApp ग्रुप जॉइन करने से इंटर्नशिप मिल जाना।
    • अनजान कंपनी/फेक वेबसाइट: कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट नहीं, LinkedIn प्रोफाइल फेक, या कोई ऑफर लेटर नहीं।
    • बहुत ज्यादा स्टाइपेंड का वादा: ₹30,000/महीना जैसा बिना इंटरव्यू के।
    • WhatsApp/Telegram ग्रुप्स में ही कम्युनिकेशन, कोई ईमेल या ऑफिशियल कॉल नहीं।
    • तुरंत पेमेंट का प्रेशर: “जल्दी करो, सीट्स लिमिटेड हैं” जैसे बहाने।

    बचाव के आसान और जरूरी टिप्स

    • हमेशा वेरिफाई करें: कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट, LinkedIn पेज, Glassdoor रिव्यूज चेक करें। अगर कंपनी नई या अनजान है, तो दोबारा सोचें।
    • कभी पैसे न दें: कोई भी जेनुइन इंटर्नशिप फीस नहीं लेती। अगर पैसे मांगे जाएं, तो तुरंत ब्लॉक करें।
    • आधिकारिक सोर्स से अप्लाई करें: सरकारी पोर्टल्स (जैसे pminternship.mca.gov.in PM इंटर्नशिप स्कीम के लिए) या यूनिवर्सिटी प्लेसमेंट सेल का इस्तेमाल करें।
    • डॉक्यूमेंट्स शेयर न करें: आधार, पैन, बैंक डिटेल्स या OTP किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

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