अमेरिकी सेना ने सीरिया में ISIS (इस्लामिक स्टेट) के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर जबरदस्त हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई दिसंबर 2025 में हुए घातक हमले का बदला लेने के लिए की गई है, जिसमें ISIS के एक हमलावर ने पलमायरा (Palmyra) इलाके में दो अमेरिकी सैनिकों और एक अमेरिकी नागरिक अनुवादक (interpreter) को मार डाला था। इस हमले में तीन अन्य अमेरिकी कर्मी घायल भी हुए थे।
ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक (Operation Hawkeye Strike)
यह हमला ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक का हिस्सा है, जो 19 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ था। इस ऑपरेशन का नाम उन दो सैनिकों के सम्मान में रखा गया है जो आयोवा राज्य (Hawkeye State) से थे।
- 10 जनवरी 2026 (अमेरिकी समयानुसार शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे) को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सहयोगी बलों (जिनमें जॉर्डन शामिल है) के साथ मिलकर सीरिया भर में कई ISIS लक्ष्यों पर स्ट्राइक्स किए।
- लक्ष्य: हथियारों के भंडार, सप्लाई रूट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य ISIS से जुड़े ठिकाने।
- पिछले दिसंबर में पहले चरण में 70 से अधिक ठिकानों पर 100+ प्रेसिजन मुनिशन से हमला किया गया था।
- इस नवीनतम स्ट्राइक में 35 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया गया।
CENTCOM ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें हमलों की तस्वीरें दिखाई गई हैं। बयान में कहा गया है:
“हमारा संदेश स्पष्ट है: अगर आप हमारे योद्धाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम आपको दुनिया में कहीं भी ढूंढकर मार डालेंगे, चाहे आप कितनी भी कोशिश करें।”
पृष्ठभूमि और महत्व
- दिसंबर 13, 2025 को पलमायरा में ISIS के एक लोन गनमैन ने अमेरिकी और सीरियाई फोर्सेस पर घात लगाकर फायरिंग की, जिसमें तीन अमेरिकी मारे गए।
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुरंत “बहुत गंभीर बदला” लेने का वादा किया था।
- यह हमले ISIS को दोबारा संगठित होने से रोकने और अमेरिकी तथा सहयोगी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
- सीरिया में अमेरिका के करीब 1,000 सैनिक तैनात हैं, जो Operation Inherent Resolve के तहत काम कर रहे हैं। नए सीरियाई सरकार (अहमद अल-शारा के नेतृत्व में) के साथ सहयोग बढ़ा है।






