7 जनवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाउस GOP मेंबर्स रिट्रीट (रिपब्लिकन पार्टी की बैठक) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई एक निजी बातचीत का जिक्र किया। ट्रंप ने दावा किया कि भारत की रक्षा खरीद और व्यापार मुद्दों पर मोदी ने उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया था।
मुख्य दावे ट्रंप के:
- भारत ने 68 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया था, लेकिन डिलीवरी में 5 साल की देरी हुई।
- मोदी ने उनसे मिलने की गुहार लगाई और कहा: “सर, क्या मैं आपसे मिल सकता हूं?” (ट्रंप ने कहा, “मैंने हां कह दिया।”)
- मोदी उनसे टैरिफ (शुल्क) को लेकर खुश नहीं हैं, क्योंकि भारत को रूसी तेल खरीद के कारण 50% टैरिफ (जिसमें 25% रूसी तेल पर सजा के रूप में) चुकाना पड़ रहा है।
- भारत ने रूस से तेल खरीद काफी कम कर दी है।
- ट्रंप ने कहा कि उनके और मोदी के बीच बहुत अच्छे रिश्ते हैं, लेकिन टैरिफ के कारण मोदी नाखुश हैं। उन्होंने टैरिफ से अमेरिका को 650 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश मिलने का दावा भी किया।
ट्रंप ने इसे रक्षा उत्पादन में देरी के उदाहरण के रूप में इस्तेमाल किया और कहा कि उनकी सरकार इसे बदल रही है।
तथ्य जांच और विवाद
- अपाचे सौदे पर: भारत ने कुल 28 अपाचे हेलीकॉप्टर ही खरीदे हैं (2015 में 22 और 2020 में 6)। सभी की डिलीवरी दिसंबर 2025 तक पूरी हो चुकी थी। ट्रंप का 68 का आंकड़ा गलत माना जा रहा है (शायद चिनूक हेलीकॉप्टरों से कन्फ्यूजन)।
- मोदी का ‘सर’ कहना: कई विशेषज्ञों (जैसे अमेरिकी एक्सपर्ट Evan A. Feigenbaum) ने इसे असंभावित बताया है। भारत ने ऐसे किसी दावे की पुष्टि नहीं की।
- टैरिफ का संदर्भ: अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण भारत पर टैरिफ बढ़ाए हैं, ताकि रूसी तेल खरीद कम हो। ट्रंप ने पहले भी कहा था कि अगर भारत मदद नहीं करेगा तो टैरिफ और बढ़ सकते हैं।






