नई दिल्ली, 06 जनवरी 2026: आजकल भारत में डिजिटल पेमेंट का दौर चल रहा है। UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) सबसे लोकप्रिय तरीका बन चुका है। NPCI के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 में UPI से 20.47 अरब ट्रांजेक्शन हुए, जिनकी वैल्यू 26.32 लाख करोड़ रुपये थी। लेकिन इसी के साथ UPI फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। वित्त मंत्रालय के हालिया डेटा के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (FY26) में नवंबर तक UPI फ्रॉड से 805 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई, जिसमें 10.64 लाख मामले दर्ज हुए।
एक सर्वे के मुताबिक, हर 5 में से 1 UPI यूजर परिवार ने पिछले तीन सालों में कम से कम एक बार फ्रॉड का शिकार होने की बात कही है। ज्यादातर मामलों में लोग छोटी-छोटी गलतियों की वजह से अपना पैसा गंवा बैठते हैं। अगर आप भी UPI से पेमेंट करते हैं, तो इन बड़ी गलतियों से बचें, वरना एक पल में आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है!
ये हैं वो 5 बड़ी गलतियां, जो भूलकर भी न करें:
- UPI PIN किसी से शेयर न करें: कई फ्रॉडस्टर फोन करके खुद को बैंक या कस्टमर केयर का कर्मचारी बताते हैं और PIN मांगते हैं। याद रखें, बैंक कभी फोन पर PIN, OTP या पासवर्ड नहीं मांगता। PIN शेयर करने से हैकर्स सीधे आपके अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं।
- अनजान लिंक या QR कोड पर क्लिक/स्कैन न करें: फेक UPI लिंक या QR कोड भेजकर स्कैमर्स आपको लुभाते हैं। क्लिक करने पर मैलिशियस ऐप इंस्टॉल हो जाती है, जो ऑटो-डेबिट शुरू कर देती है। हमेशा ओरिजिनल मर्चेंट का QR चेक करें और अनजान लिंक से दूर रहें।
- गलती से आए पैसे वापस न भेजें: स्कैमर्स पहले फेक ट्रांजेक्शन दिखाकर या छोटी रकम भेजकर कहते हैं कि “गलती से पैसे आ गए, वापस कर दो”। आप जैसे ही वापस भेजते हैं, असली पैसा उनके पास चला जाता है। ऐसे मामलों में बैंक से संपर्क करें, खुद वापस न भेजें।
- पेमेंट रिक्वेस्ट (Collect Request) को बिना चेक किए अप्रूव न करें: कई बार बड़े अमाउंट की रिक्वेस्ट आती है, जो रिफंड या ऑफर के नाम पर होती है। अप्रूव करते ही PIN डालने से पैसा कट जाता है। NPCI ने P2P Collect रिक्वेस्ट को फ्रॉड रोकने के लिए बंद भी कर दिया है। हमेशा रिक्वेस्ट चेक करें।
- अनट्रस्टेड ऐप्स डाउनलोड या स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स इस्तेमाल न करें: फेक UPI ऐप्स या AnyDesk जैसे रिमोट ऐक्सेस ऐप्स से स्कैमर्स आपके फोन को कंट्रोल कर लेते हैं। हमेशा Google Pay, PhonePe जैसे ऑफिशियल ऐप्स ही यूज करें और अनजान ऐप्स से दूर रहें।
फ्रॉड होने पर क्या करें?
- तुरंत बैंक को कॉल करें और अकाउंट ब्लॉक करवाएं।
- साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
- 72 घंटे के अंदर रिपोर्ट करने पर बैंक रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।






