नई दिल्ली, 6 जनवरी 2026: भारतीय सेना ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के स्थायी कैडर में शामिल होने की प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण नया दिशा-निर्देश जारी किया है। नए नियम के अनुसार, जो अग्निवीर चार साल की सेवा पूरी करने के बाद स्थायी सैनिक बनने की इच्छा रखते हैं, उन्हें चयन प्रक्रिया पूरी होने तक अविवाहित रहना अनिवार्य होगा। यदि इस अवधि में कोई अग्निवीर शादी कर लेता है, तो वह स्थायी नियुक्ति के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा, भले ही उसका प्रदर्शन कितना भी अच्छा क्यों न हो।
सेना की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अग्निवीरों को अपनी चार साल की सेवा अवधि के दौरान तो पहले से ही विवाह करने की मनाही है। अब यह प्रतिबंध सेवा समाप्ति के बाद भी जारी रहेगा। सेवा पूरी होने के बाद स्थायीकरण की चयन प्रक्रिया आमतौर पर 4 से 6 महीने तक चलती है। इस अंतरिम अवधि में भी उम्मीदवार को अविवाहित रहना होगा, जब तक कि अंतिम चयन परिणाम घोषित नहीं हो जाते।
यह नियम विशेष रूप से 2022 बैच के अग्निवीरों पर लागू होगा, जिनकी सेवा जून-जुलाई 2026 में समाप्त होने वाली है। अनुमान है कि इस बैच के लगभग 20,000 अग्निवीर सेवा मुक्त होंगे, जिनमें से केवल 25 प्रतिशत को मेरिट, सेवा रिकॉर्ड, लिखित परीक्षा और शारीरिक फिटनेस टेस्ट के आधार पर स्थायी कैडर में शामिल किया जाएगा।
सेना का कहना है कि यह नियम अनुशासन बनाए रखने और परिचालन तैयारियों को मजबूत करने के लिए जरूरी है। अग्निवीरों की भर्ती आयु आमतौर पर 17.5 से 21 वर्ष के बीच होती है, इसलिए यह नीति युवा सैनिकों की फोकस और समर्पण को सुनिश्चित करती है।






