पटना, 6 जनवरी 2026: बिहार सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य की सभी 55,111 राशन दुकानों पर ई-पीओएस (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों को डिजिटल तौल मशीनों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का उपयोग कर अनाज वितरण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस नई व्यवस्था से राशन वितरण में होने वाली किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत रोक लग सकेगी। AI सिस्टम अनाज की सटीक मात्रा का हिसाब रखेगा और लाभार्थियों को उनका पूरा हक मिलना सुनिश्चित करेगा। वर्तमान में फिंगरप्रिंट प्रमाणीकरण में आने वाली समस्याओं को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा रही है। यदि फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता, तो चेहरे की पहचान (फेशियल रिकग्निशन) या आंखों की पुतलियों (आइरिस स्कैन) के जरिए लाभार्थी की पहचान की जाएगी।
यह पहल बिहार के लाखों राशन कार्ड धारकों के लिए राहत भरी साबित होगी, क्योंकि इससे न केवल राशन की चोरी रुकेगी, बल्कि वितरण प्रक्रिया भी तेज और विश्वसनीय बनेगी। सरकार का लक्ष्य है कि PDS पूरी तरह डिजिटल और AI-संचालित होकर गरीबों तक सब्सिडी वाला अनाज बिना किसी रुकावट के पहुंचे।






