ई दिल्ली, 5 जनवरी 2026: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली ने मरीजों और उनके तीमारदारों की लंबे समय से चली आ रही परेशानी को दूर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीआरपीएफ के सहयोग से संचालित ‘आश्रय’ नाइट शेल्टर सुविधा पर अब ओपीडी रजिस्ट्रेशन टोकन जारी करना शुरू कर दिया गया है। इससे मरीजों को अस्पताल के बाहर ठंडी रातों में लाइन लगाकर इंतजार करने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी।
एम्स निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने बताया कि यह सुविधा उन मरीजों के लिए है जो ओपीडी सेवाओं के लिए रात में अस्पताल पहुंचते हैं। पहले ये मरीज और उनके परिजन फुटपाथ या अस्पताल परिसर में खुले में रात बिताने को मजबूर होते थे, जिससे ठंड और असुविधा के कारण स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाता था। अब रात में पहुंचने वाले मरीजों को इको-फ्रेंडली इलेक्ट्रिक शटल बसों से ‘आश्रय’ केंद्र ले जाया जाता है।
‘आश्रय’ केंद्र पर पहुंचते ही मरीजों को उनकी रिपोर्टिंग के क्रम के अनुसार टोकन नंबर जारी किया जाता है। अगली सुबह इसी टोकन के आधार पर ओपीडी रजिस्ट्रेशन में प्राथमिकता दी जाती है। इससे सुबह की लंबी कतारों और भागदौड़ से छुटकारा मिलेगा। केंद्र में मरीजों को मुफ्त भोजन, साफ कंबल, स्वच्छ शौचालय और सुरक्षित आश्रय की सुविधा उपलब्ध है।
वर्तमान में ‘आश्रय’ की क्षमता लगभग 250 लोगों की है और यह पूरी तरह उपयोग में है। एम्स अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से ओपीडी क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन बेहतर हुआ है और मरीजों की असुविधा काफी कम हुई है। भविष्य में मांग के अनुसार इस सुविधा का विस्तार किया जा सकता है।






