वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला: लेटेस्ट अपडेट (3 जनवरी 2026)
आज तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकस और आसपास के इलाकों में कई जोरदार धमाके हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद घोषणा की कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर बड़ी स्केल की सैन्य कार्रवाई की है। ट्रंप के अनुसार, इस ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कैप्चर कर देश से बाहर ले जाया गया है।
मुख्य घटनाएं:
- धमाकों की संख्या: कम से कम 7-10 बड़े धमाके, मुख्य रूप से सैन्य ठिकानों पर (जैसे Fuerte Tiuna मिलिट्री बेस, La Carlota एयरफील्ड)।
- हमले का तरीका: कम उड़ान भरते हेलीकॉप्टर और एयरक्राफ्ट देखे गए। रिपोर्ट्स में F-35 फाइटर जेट, अपाचे हेलीकॉप्टर और मिसाइलों का जिक्र।
- वेनेजुएला सरकार का जवाब: राष्ट्रपति मादुरो ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया। सरकार ने इसे “अमेरिकी आक्रमण” बताया और संयुक्त राष्ट्र से मदद मांगी। कुछ इलाकों में बिजली गुल।
- ट्रंप का दावा: यह ऑपरेशन ड्रग तस्करी और “नार्को-स्टेट” के खिलाफ था। मादुरो पर अमेरिका में मुकदमा चलेगा।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: क्यूबा, ईरान, कोलंबिया ने निंदा की। कई देशों ने UN मीटिंग की मांग की।
यह घटना अमेरिका-वेनेजुएला तनाव की चरमसीमा है, जो ड्रग ट्रैफिकिंग और तेल संसाधनों से जुड़ी है। स्थिति अभी तेजी से बदल रही है – कैजुअल्टीज और आगे की कार्रवाई पर अपडेट आना बाकी।
भारत वेनेजुएला से क्या आयात करता है?
वेनेजुएला भारत के लिए क्रूड ऑयल का महत्वपूर्ण स्रोत रहा है।
- मुख्य आयात: लगभग 90-95% क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स।
- 2024-2025 डेटा: भारत ने वेनेजुएला से करीब 1.76-2 बिलियन डॉलर का क्रूड ऑयल आयात किया (ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स और अन्य रिपोर्ट्स के अनुसार)।
- वर्तमान स्थिति: अमेरिकी सैंक्शंस के कारण आयात घटा-बढ़ा रहा, लेकिन 2024-2025 में फिर बढ़ा (रिलायंस जैसी रिफाइनरियां हैवी क्रूड प्रोसेस करती हैं)।
- प्रभाव: अगर संघर्ष बढ़ा तो वेनेजुएला से सप्लाई बाधित हो सकती है, जिससे ग्लोबल ऑयल प्राइस बढ़ सकते हैं। लेकिन भारत अब मुख्य रूप से रूस, सऊदी, इराक और UAE से आयात करता है (रूस से 40-50%), इसलिए बड़ा झटका नहीं लगेगा।






