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January 16, 2026 3:49 pm

2047 तक भारत की इकोनॉमी 5.25 गुना बढ़ जाएगी:रिपोर्ट में दावा- 21 साल में प्रति व्यक्ति आय ₹2.5 लाख से बढ़कर ₹13.5 लाख होगी

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नई दिल्ली, 3 जनवरी 2026: भारत की युवा आबादी, डिजिटल ताकत, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी सेक्टर की मजबूती के दम पर देश की अर्थव्यवस्था 2047 तक 26 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 2,314 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकती है। वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था करीब 4.18 ट्रिलियन डॉलर की है। यह अनुमान रेटिंग एजेंसी अर्न्स्ट एंड यंग (EY) की हालिया रिपोर्ट ‘India@100: Realizing the potential of a USD 26 trillion economy’ में जताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, अगर भारत सालाना औसतन 6 प्रतिशत की स्थिर वृद्धि दर भी बनाए रखता है, तो 2047-48 तक जीडीपी 26 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगी। इससे प्रति व्यक्ति आय वर्तमान स्तर से करीब छह गुना बढ़कर 15,000 डॉलर (लगभग 13.5 लाख रुपये) से अधिक हो जाएगी। EY का मानना है कि भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

7 बड़े फैक्टर, जो उम्मीद बढ़ा रहे

1. बड़ी कामकाजी आबादी : साल 2030 तक भारत की 68.9% आबादी कामकाजी उम्र (15-64 वर्ष) की होगी। तब देश में 1.04 अरब यानी करीब 100 करोड़ लोग कामकाजी होंगे। दुनिया में अगले दशक में जुड़ने वाले 24-25% नए श्रमिक यहीं से होंगे। औसत उम्र 28.4 वर्ष है।

2. मजबूत स्टार्टअप सिस्टम : भारत में 107 यूनिकॉर्न हैं। 4 साल में ये सालाना 66% से बढ़े। इनकी कुल वैल्यू 7.37 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई। निवेशकों ने करीब 3.82 लाख करोड़ रुपए लाभ कमाया। भारत के स्टार्टअप ईकोसिस्टम में आगे भी अच्छी संभावनाएं हैं।

3. मैन्युफैक्चरिंग में अवसर : पीएलआई योजना के तहत 14 सेक्टरों में ₹2.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इससे मैन्युफैक्चरिंग में उन 43% लोगों को नए रोजगार मिल सकते हैं, जो अभी कृषि क्षेत्र में लगे हैं। इससे बुनियादी ढांचे में भी निवेश बढ़ेगा।

4. वर्किंग वुमन भी बढ़ेंगी : भारत की उच्च शिक्षा में करीब 49% छात्राएं हैं। इसका साफ मतलब है कि आने वाले वर्षों में भारत के कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी काफी बढ़ने वाली है। ऐसे में देश के लिए उत्पादकता बढ़ाने की लंबी संभावनाएं नजर आ रही हैं।

5. डिजिटल पेमेंट में तेजी : यूपीआई नेटवर्क से 350 से ज्यादा बैंक जुड़े हुए हैं। इसके 26 करोड़ से अधिक यूनिक यूजर हैं। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था ने 2014-2019 के बीच 15.6% की दर से बढ़ी, जो देश की कुल इकोनॉमी ग्रोथ से 2.4 गुना तेज थी।

6. ज्यादा कर्ज की गुंजाइश : विश्व बैंक के अनुसार 2020 में भारत में निजी कंपनियों और कारोबार को दिया गया कुल कर्ज, देश की जीडीपी का सिर्फ 55% था। यह दुनिया के औसत 148% से काफी कम है। मतलब ये है कि कंपनियां अभी और कर्ज लेने में सक्षम।

7. क्लीन एनर्जी और टिकाऊ विकास : साल 2070 तक भारत ने नेट ​जीरो का लक्ष्य तय किया है। इसके मायने ये हैं कि इसके बाद भारत फॉसिल फ्यूल जैसे पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता खत्म कर लेगा। यह बड़ा अवसर है।

इस लक्ष्य के लिए सरकार को 2030 तक जीडीपी के मुकाबले कार्बन के मौजूदा उपयोग में 45% की कमी लानी होगी। सरकार ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट पर जोर दे रही है। केवल ईवी ईको सिस्टम के लिए केंद्र से 14.5 अरब डॉलर का सपोर्ट है। 2030 तक कुल 10 करोड़ लोग ईवी में शिफ्ट हो सकते हैं।

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Author: DIYA Reporter

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