Explore

Search

February 27, 2026 12:48 pm

अफगानिस्तान में 6.3 तीव्रता का भूकंप: दिल्ली-एनसीआर समेत भारत में झटके महसूस, 20 से अधिक की मौत; मजार-ए-शरीफ में ऐतिहासिक मस्जिद को नुकसान

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email
दिल्ली-NCR में रविवार-सोमवार रात के दरम्यान भूकंप के झटके महसूस हुए. राष्ट्रीय भूकंप केंद्र (एनसीएस) और संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार कि उत्तरी अफगानिस्तान के सबसे बड़े शहरों में से एक के पास रात दो बजे (भारतीय समयानुसार) 6.3 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. इसके झटके भारत समेत आसपास के देशों में भी महसूस हुए. इसी क्रम में दिल्ली-एनसीआर और अन्य भारतीय राज्यों में रात के 2 बजे के करीब झटके महसूस हुए. पंखे और घरों के अन्य सामान हिलते हुए नजर आए. हालांकि, किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है.

दिल्ली-एनसीआर भूकंपीय क्षेत्र IV में स्थित है. भारत के सबसे अधिक भूकंप-प्रवण महानगरीय क्षेत्रों में से एक है. हालांकि, यहां अक्सर भूकंपीय केंद्र नहीं आते, लेकिन पास के हिमालयी और सिंधु-गंगा भूकंपीय क्षेत्रों से आने वाले झटके अक्सर शहर को प्रभावित करते हैं. घनी आबादी, ऊंची इमारतों और पुरानी संरचनाओं के कारण, हल्के भूकंप भी अलार्म और संरचनात्मक तनाव पैदा कर सकते हैं.
बता दें कि इसी साल जुलाई में दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में हल्के झटके महसूस किए गए थे. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, शाम 7.49 बजे झज्जर में 10 किलोमीटर की गहराई पर 3.7 तीव्रता का भूकंप आया. लगभग 9 बजे इसी इलाके में 4.4 तीव्रता का एक और शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे निवासियों में थोड़ी देर के लिए दहशत फैल गई. किसी नुकसान या हताहत की तत्काल कोई खबर नहीं है.
शुरुआती रिपोर्टों से पता चला कि भूकंप स्थानीय समयानुसार सोमवार रात के तड़के एक करीब मजार-ए-शरीफ और खुल्म कस्बे के पास 28 किलोमीटर (17.4 मील) की गहराई पर आया. उत्तरी बल्ख प्रांत की राजधानी मजार-ए-शरीफ उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले शहरों में से एक है. यूएसजीएस मॉडल के पूर्वानुमान के अनुसार भूकंप का इतना शक्तिशाली था कि सैकड़ों लोगों की मौत हो सकती है. हालांकि, मौत की आधिकारिक रिपोर्ट नहीं आई है.
अफगानिस्तान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक बयान में कहा, ‘देश के कई प्रांत एक बार फिर रात लगभग 1 बजे (रविवार पूर्वी समयानुसार दोपहर 3:30 बजे) एक तेज भूकंप से हिल गए.’ तालिबान अधिकारियों को 2021 में सत्ता में लौटने के बाद से कई बड़े भूकंपों का सामना करना पड़ा है, जिसमें ईरान की सीमा पर पश्चिमी हेरात क्षेत्र में 2023 में आया भूकंप भी शामिल है, जिसमें 1,500 से अधिक लोग मारे गए और 63,000 से अधिक घर नष्ट हो गए.
DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर