ईरान में अमेरिका-इजरायल और ईरानी सेना के बीच तेज होता युद्ध अब भारतीय नागरिकों की जान पर बन आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, ईरान में करीब 9,000 भारतीय फंसे हुए हैं, जिनमें से अधिकांश मेडिकल और इंजीनियरिंग छात्र हैं। ज्यादातर छात्र तेहरान, क़ोम, मशहद और इस्फहान जैसे शहरों में पढ़ाई कर रहे हैं, जहां हाल के दिनों में मिसाइल हमले और ड्रोन अटैक बढ़ गए हैं। MEA ने स्पष्ट किया है कि युद्ध क्षेत्र से तुरंत निकलने की सलाह दी गई है, लेकिन एयरस्पेस पूरी तरह बंद होने के कारण बड़े पैमाने पर निकासी (इवैक्यूएशन) अभी संभव नहीं हो पा रही है।
MEA का लेटेस्ट अपडेट क्या कहता है?
विदेश मंत्रालय ने आज प्रेस ब्रीफिंग में बताया:
- ईरान में फंसे भारतीयों की संख्या करीब 9,000 है (पिछले अपडेट में 8,500 थी, अब बढ़ गई है)।
- अधिकांश मेडिकल छात्र (MBBS और PG) क़ोम और तेहरान में हैं, जहां हाल के हमलों में कई इलाके प्रभावित हुए हैं।
- MEA ने ईरान में भारतीय दूतावास और कांसुलेट को 24×7 कंट्रोल रूम एक्टिव किया है।
- कई छात्रों को सुरक्षित जगहों (दूतावास परिसर, होटल या कम जोखिम वाले इलाकों) में शिफ्ट किया गया है।
- कुछ छात्र लैंड रूट से आर्मेनिया और तुर्कमेनिस्तान बॉर्डर क्रॉस करके निकल रहे हैं, लेकिन यह रास्ता भी जोखिम भरा है।
- एयरस्पेस बंद होने से कमर्शियल फ्लाइट्स नहीं चल रही हैं। MEA ने कहा है कि “जैसे ही कोई सुरक्षित विंडो मिलेगी, निकासी शुरू होगी।”
- दो भारतीयों की मौत की पुष्टि हो चुकी है (एक छात्र और एक वर्कर), जो हाल के हमलों में हुई।
छात्रों की स्थिति और अपील
क़ोम में पढ़ने वाले कई भारतीय छात्रों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और मैसेज शेयर किए हैं:
- “हमारे हॉस्टल के पास मिसाइल गिरी है, रात में नींद नहीं आती।”
- “खाना-पीना ठीक है, लेकिन बाहर निकलना मुश्किल। MEA से मदद की गुहार लगा रहे हैं।”
- कुछ छात्रों ने बताया कि वे दूतावास के निर्देश पर होटल में शिफ्ट हो गए हैं, लेकिन वहां भी बिजली-पानी की समस्या है।
MEA ने छात्रों से अपील की है कि वे:
- दूतावास से लगातार संपर्क में रहें।
- अनावश्यक बाहर न निकलें।
- हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें।
MEA की हेल्पलाइन और संपर्क
- ईरान में भारतीय दूतावास हेल्पलाइन: +98-21-2275-6328 / +98-912-217-6035
- MEA कंट्रोल रूम (नई दिल्ली): +91-11-23012113 / +91-11-23014104 / +91-9968291989
- 24×7 इमरजेंसी: +91-9818291989 (व्हाट्सएप भी उपलब्ध)
वैश्विक संदर्भ और भारत की स्थिति
- पश्चिम एशिया (ईरान, इराक, लेबनान, इजरायल) से कुल 52,000+ भारतीय वापस लाए जा चुके हैं, लेकिन ईरान सबसे मुश्किल स्थिति है।
- MEA ने स्पष्ट किया कि “सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं।”
- अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे एयरस्पेस और बॉर्डर क्रॉसिंग बंद हो गई है।
- कई देशों ने अपने नागरिकों को निकाल लिया है, लेकिन भारत अभी बड़े इवैक्यूएशन का इंतजार कर रहा है।
जयपुर से अपील
जयपुर में कई परिवारों के बच्चे ईरान में पढ़ रहे हैं। स्थानीय एसोसिएशन और छात्रों के परिजन MEA से तेज निकासी की मांग कर रहे हैं। एक परिवार ने कहा, “हमारा बेटा क़ोम में है, रोज फोन पर रोता है। कब निकालेंगे?”
युद्ध की स्थिति बदलती रहती है। MEA हर घंटे अपडेट दे रहा है। अगर आपके परिवार में कोई ईरान में फंसा है, तो तुरंत हेल्पलाइन पर संपर्क करें।






