पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आनंदपुर (नजीराबाद) इलाके में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) की तड़के लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। दो पड़ोसी गोदामों में लगी इस आग में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। आग इतनी भीषण थी कि कई शव बुरी तरह झुलसकर राख में बदल गए, जिससे उनकी पहचान बेहद मुश्किल हो गई है। अब DNA जांच ही मृतकों की शिनाख्त का एकमात्र सहारा बनी हुई है।
घटना का विवरण:
- आग सोमवार सुबह करीब 2:30-3:00 बजे आनंदपुर के नजीराबाद इलाके में एक ड्राई फूड गोदाम (सूखे खाद्य पदार्थों और सॉफ्ट ड्रिंक्स से भरे) में लगी।
- गोदाम में मोमो फैक्ट्री और डेकोरेटर यूनिट भी थी, जहां थर्मोकोल, ज्वलनशील सामग्री और पैकेज्ड फूड स्टॉक रखा गया था।
- आग तेजी से फैली और पास के दो अन्य गोदाम भी जलकर खाक हो गए।
- गोदाम में रात में सो रहे मजदूर (ज्यादातर प्रवासी मजदूर पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर से) फंस गए। कुछ गोदाम बाहर से बंद होने की वजह से बाहर नहीं निकल पाए।
- एक मजदूर ने अपनी पत्नी को आखिरी फोन कॉल में कहा था: “तुम मुझे दोबारा नहीं देख पाओगी” – यह बात पूरे देश को झकझोर गई।
राहत-बचाव और स्थिति:
- 12-15 फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और 15-20 घंटे तक आग बुझाने की कोशिश की।
- आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन कुछ जगहों पर पॉकेट फायर अभी भी जल रही हैं।
- राहत कार्य जारी है, राख हटाकर लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
- पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जले हुए शवों से सैंपल लेकर DNA टेस्ट शुरू कर दिया है।
राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया:
- अग्निशमन मंत्री सुजीत बसु हादसे के 32 घंटे बाद घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि गोदाम में आग बुझाने की कोई व्यवस्था नहीं थी और जांच कराई जाएगी।
- विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा कि गणतंत्र दिवस पर सरकार “छुट्टी” पर थी।
- जांच में गोदाम में रखी ज्वलनशील सामग्री और सुरक्षा मानकों की कमी पर सवाल उठ रहे हैं।






