Explore

Search

January 28, 2026 6:03 am

FDI में 73% का उछाल, घर आए 47 बिलियन डॉलर! भारत की ग्रोथ के आगे पानी भर रहे चीन और बाकी देश

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की ताजा रिपोर्ट ने भारत की आर्थिक सफलता को एक बार फिर रेखांकित किया है। 2025 में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। जहां वैश्विक स्तर पर विकासशील देशों में FDI प्रवाह में सामान्य गिरावट या स्थिरता देखी गई, वहीं भारत ने 73% की शानदार छलांग लगाते हुए FDI को 47 अरब डॉलर तक पहुंचा दिया।

मुख्य आंकड़े और तुलना

  • भारत में FDI: 73% बढ़ोतरी के साथ 47 बिलियन अमेरिकी डॉलर।
  • वैश्विक FDI: 2025 में कुल FDI 14% बढ़कर 1.6 ट्रिलियन डॉलर पहुंचा, लेकिन यह वृद्धि मुख्य रूप से विकसित अर्थव्यवस्थाओं (जैसे यूरोप और फाइनेंशियल हब्स) में केंद्रित रही।
  • विकासशील देशों में: कई क्षेत्रों में FDI में कमी या मामूली बदलाव, जबकि भारत ने उल्टा रुख दिखाया।
  • चीन की स्थिति: चीन में FDI लगातार तीसरे साल गिरावट का सामना कर रहा है, जिससे भारत वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है।

भारत में FDI वृद्धि के प्रमुख कारण

UNCTAD की रिपोर्ट के अनुसार, इस उछाल के पीछे कई मजबूत कारक हैं:

  1. मजबूत सर्विस सेक्टर: फाइनेंस, आईटी (IT), रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और डेटा सेंटर्स में बड़े पैमाने पर निवेश आया। AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स ने विशेष रूप से विदेशी कंपनियों को आकर्षित किया।
  2. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुधार: विनिर्माण क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निवेश हुआ, जो ‘मेक इन इंडिया’ और उत्पादन से जुड़ी नीतियों का नतीजा है। भारत अब वैश्विक सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
  3. सरकारी नीतियां और सुधार: सरकार द्वारा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chains) में भारत को मजबूती से एकीकृत करने वाली नीतियां, जैसे PLI स्कीम, निवेश संरक्षण, टैक्स सुधार और आसान बिजनेस नियमों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
  4. भू-राजनीतिक बदलाव: कई कंपनियां चीन से विविधीकरण (China+1 स्ट्रैटेजी) कर रही हैं, और भारत इसकी प्रमुख लाभार्थी साबित हुआ है।

यह उपलब्धि भारत की आर्थिक स्थिरता, युवा कार्यबल, डिजिटल क्रांति और सुधारों की दिशा में निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रुझान जारी रहा तो भारत आने वाले वर्षों में FDI का प्रमुख गंतव्य बन सकता है।

DIYA Reporter
Author: DIYA Reporter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर