ईरान-अमेरिका युद्ध में अमेरिकी सैनिकों की मौत: कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले की पूरी जानकारी
कुवैत, 5 मार्च 2026 (अपडेटेड न्यूज़): अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में अमेरिकी सेना को पहला बड़ा नुकसान हुआ है। ईरान के एक ड्रोन हमले (unmanned aircraft system) ने कुवैत के पोर्ट शुआइबा (Port Shuaiba) में स्थित एक अस्थायी अमेरिकी टैक्टिकल ऑपरेशंस सेंटर को निशाना बनाया। इस हमले में 6 अमेरिकी सैनिक शहीद हो गए और 18 से अधिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
यह हमला अमेरिका-इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जवाब में ईरान की ओर से किया गया पहला बड़ा प्रत्याक्रमण है, जो 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था।
हमले का विवरण
- स्थान: पोर्ट शुआइबा (एक सिविलियन पोर्ट), जहां अमेरिकी सेना ने मेकशिफ्ट कमांड सेंटर बनाया था। यह मुख्य अमेरिकी बेस (जैसे Camp Arifjan या Camp Buehring) से अलग था और हवाई रक्षा में कमजोर था।
- हमले का तरीका: एक ईरानी सुसाइड ड्रोन ने अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर सीधा हमला किया। कोई पूर्व चेतावनी या सायरन नहीं बजा।
- मौतों की संख्या: CENTCOM ने पहले 3 मौतों की पुष्टि की, लेकिन मलबे से दो और शव बरामद होने और एक घायल के निधन के बाद कुल 6 हो गई।
- घायल: 18 से अधिक सैनिक गंभीर रूप से घायल, कुछ में शार्पनेल और कंक्शन की चोटें।
शहीद सैनिकों की पहचान (सभी यूएस आर्मी रिजर्व के सदस्य)
पेंटागन ने सभी की पहचान जारी की है:
- कैप्टन कोडी ए. खोर्क (Capt. Cody A. Khork), 35 वर्ष, फ्लोरिडा (Winter Haven)
- सर्जेंट फर्स्ट क्लास नोआ एल. टिएटजेंस (Sgt. 1st Class Noah L. Tietjens), 42 वर्ष, नेब्रास्का (Bellevue)
- सर्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल एम. अमोर (Sgt. 1st Class Nicole M. Amor), 39 वर्ष, मिनेसोटा (White Bear Lake)
- सर्जेंट डेक्लन जे. कोडी (Sgt. Declan J. Coady), 20 वर्ष, आयोवा (West Des Moines) – मरणोपरांत प्रमोशन स्पेशलिस्ट से सर्जेंट
- मेजर जेफरी आर. ओ’ब्रायन (Maj. Jeffrey R. O’Brien), 45 वर्ष, आयोवा (Indianola)
- चीफ वारंट ऑफिसर 3 रॉबर्ट एम. मार्जन (Chief Warrant Officer 3 Robert M. Marzan), 54 वर्ष
ये सैनिक मुख्य रूप से लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट यूनिट (103rd Sustainment Command, Des Moines, Iowa) से थे, जो सैनिकों को भोजन और उपकरण सप्लाई करते थे।
प्रतिक्रियाएं
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप: शहीदों को “सच्चे अमेरिकी देशभक्त” बताया और कहा कि “युद्ध में और मौतें हो सकती हैं”।
- रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ: ड्रोन ने एयर डिफेंस को चकमा दिया। हमले की जांच जारी।
- कुवैत सरकार: हमले की कड़ी निंदा, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया।
- अमेरिकी दूतावास: कुवैत, सऊदी अरब, दुबई आदि में दूतावास बंद या अलर्ट पर। अमेरिकी नागरिकों को तुरंत निकलने की सलाह।
यह घटना युद्ध के शुरुआती दिनों में अमेरिकी सेना के लिए बड़ा झटका है। ईरान ने कुवैत सहित कई गल्फ देशों में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, लेकिन यह पहला ऐसा हमला है जिसमें अमेरिकी मौतें हुईं। विशेषज्ञों का कहना है कि संघर्ष लंबा चल सकता है और और अधिक नुकसान हो सकता है। स्थिति तेजी से बदल रही है।






