स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। स्टार तेज गेंदबाज और टेस्ट-वनडे कप्तान पैट कमिंस पीठ की पुरानी चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं, जिसके कारण वे पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। यह खबर 31 जनवरी 2026 को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने आधिकारिक तौर पर जारी की।
कमिंस ने 2025-26 एशेज सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला था, जहां ऑस्ट्रेलिया ने 4-1 से जीत हासिल की थी। चोट के कारण वे लंबे समय तक बाहर रहे और पाकिस्तान के खिलाफ चल रही टी20 सीरीज में भी आराम दिया गया था। शुरुआत में प्रोविजनल 15 सदस्यीय टीम में शामिल होने के बावजूद, अब फाइनल स्क्वॉड से उनका नाम हटा दिया गया है।
कमिंस की जगह किसे मिली एंट्री?
चयनकर्ताओं ने कमिंस की जगह बेन ड्वारशुइस (Ben Dwarshuis) को शामिल किया है। ड्वारशुइस लेफ्ट-आर्म पेसर हैं, जो स्विंग, वैरिएशन और डेथ ओवर्स में उपयोगी साबित हो सकते हैं। साथ ही वे शानदार फील्डर और लोअर ऑर्डर में बल्लेबाजी भी कर सकते हैं।
चयन समिति के चेयरमैन टोनी डोडेमाइड ने कहा, “पैट को पीठ की चोट से उबरने में और समय चाहिए। बेन एक तैयार विकल्प हैं, जो लेफ्ट-आर्म पेस के साथ-साथ डायनामिक फील्डिंग और लोअर ऑर्डर हिटिंग प्रदान करते हैं। भारत और श्रीलंका की परिस्थितियों में उनकी स्विंग और वैरिएशन बहुत काम आएंगे।”
स्क्वॉड में एक और बदलाव
टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज मैथ्यू शॉर्ट को भी ड्रॉप कर दिया गया है, उनकी जगह मैथ्यू रेंसॉ को शामिल किया गया है। रेंसॉ हाल के प्रदर्शन के आधार पर चुने गए हैं और स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर मिडिल ऑर्डर को मजबूती देंगे।
दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को भी फाइनल टीम में जगह नहीं मिली, भले ही उन्होंने BBL में शानदार फॉर्म दिखाया हो।
ऑस्ट्रेलिया की फाइनल 15 सदस्यीय टीम (T20 वर्ल्ड कप 2026)
- मिशेल मार्श (कप्तान)
- जेवियर बार्टलेट
- कूपर कोनोली
- टिम डेविड
- बेन ड्वारशुइस
- कैमरन ग्रीन
- नाथन एलिस
- जोश हेजलवुड
- ट्रेविस हेड
- जोश इंग्लिस
- मैथ्यू कुह्नेमन
- ग्लेन मैक्सवेल
- मैथ्यू रेंसॉ
- मार्कस स्टोइनिस
- एडम ज़म्पा
टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत और श्रीलंका में 7 फरवरी से 8 मार्च तक खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया का अभियान 11 फरवरी को कोलंबो में आयरलैंड के खिलाफ शुरू होगा। कमिंस की अनुपस्थिति में जोश हेजलवुड और कैमरन ग्रीन जैसे गेंदबाजों पर ज्यादा जिम्मेदारी आएगी, लेकिन उनकी अनुभव और लीडरशिप की कमी टीम के लिए बड़ा सेटबैक मानी जा रही है।






