मकर संक्रांति 2026 के दौरान जयपुर में पतंगबाजी के हादसों ने पूरे उत्सव पर ग्रहण लगा दिया। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, मांझे (खासकर चाइनीज मांझे) से कटने, छत से गिरने, सिर में चोट लगने और अन्य दुर्घटनाओं में 140 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ये आंकड़े बुधवार (14 जनवरी 2026) और गुरुवार (15 जनवरी 2026) तक के हैं, जब मकर संक्रांति का मुख्य उत्सव मनाया गया।
अस्पतालों में पहुंचे घायल (आपके बताए अनुसार और रिपोर्ट्स से मिलान):
- जयपुरिया हॉस्पिटल: बुधवार को 50 मरीज पहुंचे, जिनमें ज्यादातर मांझे से कटने और गिरने के मामले थे।
- गणगौरी हॉस्पिटल: 31 घायल इलाज के लिए भर्ती।
- एसएमएस ट्रॉमा सेंटर (सवाई मानसिंह अस्पताल): 32 घायल पहुंचे, जहां कई गंभीर मामलों में सर्जरी और विशेष देखभाल की गई। यहां सिर की चोटें, फ्रैक्चर और गर्दन/चेहरा कटने के केस ज्यादा थे।
- कांवटिया हॉस्पिटल: 30 घायल पहुंचे।
कुल मिलाकर विभिन्न अस्पतालों में 140+ घायलों की पुष्टि हुई है, जिसमें बच्चे और युवा सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कुल घायलों की संख्या 150 तक बताई गई है।
मुख्य कारण और अन्य घटनाएं:
- चाइनीज मांझा (ग्लास या मेटल कोटेड) सबसे बड़ा खतरा साबित हुआ, जो गर्दन, चेहरा, हाथ काट देता है। कई मामलों में बाइक सवारों की गर्दन कट गई।
- छत से गिरने, पतंग लूटते समय विवाद और बिजली लाइनों में उलझने से भी हादसे हुए।
- प्रदेश में कुल 4 मौतें रिपोर्ट हुईं (जयपुर में बच्चे की गर्दन कटने से मौत सहित), साथ ही सैकड़ों पक्षी घायल/मारे गए।
- जयपुर में काइट फेस्टिवल-2026 हुआ, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने पतंग उड़ाई, लेकिन हादसों ने उत्सव को प्रभावित किया।
सावधानियां और सलाह:
- केवल पारंपरिक सूती मांझा इस्तेमाल करें, चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- छतों पर रेलिंग/सुरक्षा के बिना पतंग न उड़ाएं।
- बाइक/स्कूटर चलाते समय हेलमेट के साथ गर्दन ढकें, और लटकते मांझे से सावधान रहें।
- अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई थी, लेकिन रोकथाम ही सबसे बेहतर है।





