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March 23, 2026 2:56 pm

सोशल मीडिया पर सख्ती की मांग, बच्चों की सुरक्षा को लेकर दिग्गज की चेतावनी

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बच्चों पर सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। दुनिया के एक बड़े टेक दिग्गज ने चेतावनी देते हुए कहा है कि कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सख्त नियम लागू होने चाहिए और जरूरत पड़े तो उन्हें पूरी तरह बंद भी किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि बिना नियंत्रण के सोशल मीडिया का इस्तेमाल बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पढ़ाई और व्यवहार पर गंभीर असर डाल रहा है।

क्या कहा दिग्गज ने

टेक उद्योग से जुड़े इस दिग्गज ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज के समय में बच्चे बहुत कम उम्र में ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं, जबकि वे इसके खतरों को समझने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं होते।
उन्होंने कहा कि कंपनियों को सिर्फ मुनाफे के बजाय बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उनका मानना है कि

  • 16 या 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सख्त नियम होने चाहिए
  • पैरेंटल कंट्रोल अनिवार्य होना चाहिए
  • बिना उम्र सत्यापन के अकाउंट बनाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए

बच्चों पर क्या पड़ रहा है असर

विशेषज्ञों के अनुसार ज्यादा समय तक सोशल मीडिया इस्तेमाल करने से बच्चों में कई समस्याएं देखी जा रही हैं —

  • पढ़ाई में ध्यान कम होना
  • नींद की समस्या
  • डिप्रेशन और तनाव
  • मोबाइल की लत
  • गलत कंटेंट देखने का खतरा

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार स्क्रीन देखने से बच्चों का व्यवहार भी बदल रहा है और वे जल्दी चिड़चिड़े हो रहे हैं।

कई देशों में बन रहे हैं सख्त नियम

दुनिया के कई देश पहले ही बच्चों के लिए सोशल मीडिया नियम सख्त करने की तैयारी कर रहे हैं।
कुछ देशों में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी करने का प्रस्ताव है, जबकि कुछ जगहों पर स्कूलों में मोबाइल पर रोक लगाई जा रही है।

कंपनियों पर भी उठे सवाल

सोशल मीडिया कंपनियों पर आरोप लगते रहे हैं कि वे बच्चों को आकर्षित करने वाले फीचर बनाती हैं, जिससे वे ज्यादा समय ऐप पर बिताते हैं।
दिग्गज ने कहा कि कंपनियों को एल्गोरिदम में बदलाव करना चाहिए ताकि बच्चों को हानिकारक कंटेंट न दिखे।

क्या हो सकते हैं नए नियम

  • उम्र सत्यापन सिस्टम
  • बच्चों के लिए अलग प्लेटफॉर्म
  • स्क्रीन टाइम लिमिट
  • रात में ऐप इस्तेमाल पर रोक
  • पैरेंटल मॉनिटरिंग

निष्कर्ष

बच्चों की सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर सख्ती की मांग लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते नियम नहीं बनाए गए, तो आने वाले समय में इसका असर पूरी पीढ़ी पर पड़ सकता है।
अब यह देखना होगा कि सरकारें और टेक कंपनियां इस चेतावनी के बाद क्या कदम उठाती हैं।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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