नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में रविवार देर रात (22 फरवरी 2026) छात्र संगठनों के बीच हिंसक संघर्ष छिड़ गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आरोप लगाया है कि वामपंथी विचारधारा से जुड़े छात्र संगठनों (जैसे AISA, SFI आदि) ने हथियारबंद हमला किया। लाठी, लोहे की रॉड, पत्थर और फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल कर ABVP कार्यकर्ताओं और छात्रों पर हमला किया गया, जिससे कई छात्र घायल हो गए। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना का विवरण:
- घटना रात करीब 1:30 बजे स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज और अन्य परिसरों में हुई।
- ABVP के अनुसार, बायोटेक्नोलॉजी छात्र प्रतीक भारद्वाज पर हमला हुआ – पहले उनकी आंखों में फायर एक्सटिंग्विशर का पाउडर फेंका गया, फिर बेरहमी से पीटा गया। सिलेंडर खोलने की भी कोशिश की गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, हालत गंभीर है।
- ABVP मीडिया संयोजक विजय जायसवाल भी गंभीर रूप से घायल हुए।
- ABVP का दावा: पिछले 7-8 दिनों से चल रही वामपंथी हड़ताल के दौरान 300-400 नकाबपोश लोग कैंपस में घुसे, लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्रों को भगाया और ABVP सदस्यों को निशाना बनाया। इसे “टेरर नाइट” बताया गया।
- ABVP ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई, गिरफ्तारियां और कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
वामपंथी संगठनों का पक्ष:
- JNUSU और लेफ्ट ग्रुप्स (AISA, SFI) ने आरोप खारिज किए और उल्टा ABVP पर पत्थरबाजी, हमला शुरू करने और “समता जुलूस” में बाधा डालने का आरोप लगाया।
- उनका कहना है कि वाइस चांसलर संतिश्री धुलिपुड़ी पंडित के इस्तीफे और रस्टिकेशन ऑर्डर वापस लेने की मांग पर शांतिपूर्ण मार्च था, लेकिन ABVP ने हिंसा भड़काई।
- दोनों पक्ष एक-दूसरे पर झूठ फैलाने और हिंसा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं।
कैंपस में तनाव:
- घटना के बाद JNU में भारी तनाव है। सुरक्षा बढ़ा दी गई है, लेकिन छात्र डरे हुए हैं।
- विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
- यह घटना JNU की पुरानी राजनीतिक हिंसा की याद दिलाती है, जहां छात्र राजनीति अक्सर हिंसक रूप ले लेती है।
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