चीन ने ताइवान में फिर भेजे 15 लड़ाकू विमान, ताइवान ने चेतावनी देकर खदेड़ा

 


ताइपे। चीन की ताइवान में घुसपैठ करने पर मुंह की खानी पड़ी है। ताइवान सीमा में रविवार को घुसे चीन के 15 लड़ाकू विमानों पर ताइवान ने अपनी मिसाइलों को निशाने पर ले लिया और ताइवानी एयरफोर्स के विमानों ने उनको अपनी सीमा से भी बाहर खदेड़ दिया। चीन के इस दुस्साहस से ताइवान में अमेरिकी राजनयिक की यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है। चीन ने रविवार को लगातार दूसरे दिन ताइवानी एयरस्पेस में अपने 15 लड़ाकू विमानों की घुसपैठ कराई जिसके बाद हरकत में आए ताइवानी एयरफोर्स ने अपनी मिसाइलों का मुंह चीन के विमानों की तरफ मोड़ दिया। इतना ही नहीं, ताइवानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने तुरंत उड़ान भरकर चीन को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी जिसके बाद चीन के जहाज ताइवानी एयरस्पेस से भाग खड़े हुए।

इस कारण भड़का है चीन

चीन ने शनिवार को भी ताइवान के वायुक्षेत्र में अपने 8 एच-6के परमाणु बॉम्बर्स को उड़ाया था। इनके साथ चार की संख्या में जे-16 लड़ाकू विमानों का दस्ता भी मौजूद था। ताइवान की जवाबी कार्रवाई के बाद चीन के विमान भाग गए थे। बताया जा रहा है कि अमेरिकी राजनयिक की ताइवान यात्रा से चीन भड़का हुआ है। इस कारण दोनों देशों के बीच तनाव में फिर से इजाफा देखा जा रहा है।

इन विमानों ने की घुसपैठ

चीन के जिन विमानों ने ताइवान की वायुसीमा में रविवार को घुसपैठ की उसमें दो Y-8 एंटी सबमरीन एयरक्राफ्ट, दो सुखोई SU-30 लड़ाकू विमान, चार J-16 लड़ाकू विमान, छह J-10 लड़ाकू विमान और एक Y-8 मैरीटाइम एयरक्राफ्ट शामिल था। इससे पहले शनिवार को चीन के आठ H-6K और चार J-16 लड़ाकू विमानों की घुसपैठ की थी।

परमाणु विमानों के घुसने से ताइवान अलर्ट

ताइवानी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि शनिवार और रविवार को चीनी बमवर्षक विमानों के ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र के दक्षिण-पश्चिमी कोने में प्रवेश किया। जिसके बाद ताइवान ने अपनी मिसाइलों को मॉनिटर करने के लिए तैनात किया है। चीन के लड़ाकू विमानों की लगातार बढ़ती घुसपैठ को ताइवान ने असामान्य करार दिया है।

ताइवानी मिसाइलों का मुंह चीन की तरफ

मंत्रालय ने कहा, ताइवान की वायु सेना ने चीनी विमानों को चेतावनी दी है और उनकी निगरानी के लिए मिसाइलों को तैनात किया है। घुसपैठ की जानकारी मिलते ही एयरबोर्न अलर्ट के स्तर को भी बढ़ा दिया गया। रेडियो चेतावनियां जारी की गईं और हवाई रक्षा मिसाइल सिस्टम को इस गतिविधि पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया है।

ताइवान की इन मिसाइलों से डरती है चीनी सेना

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान के पास इतनी ज्यादा मिसाइलें मौजूद हैं जो क्षेत्रफल के हिसाब से दुनियाभर में सबसे ज्यादा है। हालांकि ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इन मिसाइलों की कुल संख्या को आजतक जारी नहीं किया है। ताइपे की चाइना टाइम्स अखबार के अनुसार, ताइवान के पास कुल 6000 से अधिक मिसाइलें हैं।

इन हथियारों में अमेरिका निर्मित मिसाइलों के अलावा ताइवान की स्वदेशी मिसाइलें भी शामिल हैं। जिसमें हवा से हवा, हवा से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें शामिल हैं। ताइवान के पास मिसाइल ही ऐसा हथियार है जिससे चीनी सेना खौफ खाती है और आजतक हमले के प्लान को अंजाम नहीं दे सकी है। क्योंकि, चीन के राष्ट्रपति से लेकर चीनी सेना के जनरल तक लगातार ताइवान पर हमले की धमकी देते रहे हैं।

अमेरिका की पैट्रियॉट एडवांस्ड कैपेबिलिटी-3  मिसाइल दुनिया की सबसे बेहतरीन डिफेंस सिस्टम में से एक है। यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम दुश्मन की बैलेस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और लड़ाकू जहाजों को पल भर में मार गिराने में सक्षम है। सभी मौसम में दागे जाने वाली इस मिसाइल का निर्माण लॉकहिड मॉर्टिन ने किया है। यह मिसाइल इस समय पूरे अमेरिका, जर्मनी, ग्रीस, इजरायल, जापान, कुवैत, नीदरलैंड, सऊदी अरब, कोरिया, पोलैंड, स्वीडन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, रोमानिया, स्पेन और ताइवान की सेना में शामिल है।

अमेरिका की ऑटोमेटिक सतह से हवा में मार करने वाला यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम क्रूज मिसाइलों, ड्रोन, फिक्स विंग हवाई जहाज और हेलिकॉप्टरों के खिलाफ घातक कार्रवाई कर सकता है। इसका रडार दुश्मन के किसी भी प्रकार के हवाई हमले को रोकने में पूरी तरह सक्षम है।

ये तीनों मिसाइल ताइवान की सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हार्पून एंटी शिप मिसाइल है जिसे मैक्डोनाल्ड डगलस ने बनाया है। यह जमीन से किसी भी शिप को निशाना बनाने में सक्षम है। स्ट्रिंगर मिसाइल मैन पोर्टेबल है जो जमीन से हवा में किसी भी हेलिकॉप्टर या ड्रोन को मार गिरा सकती है। जबकि एम-9 साइडविंडर छोटी दूरी की हवा से हवा में मारने वाली मिसाइल है जो दुश्मन के जहाजों और हेलिकॉप्टरों का काल बन सकती है।

हसइयूंग फेंग1 और 2 ताइवान में नेशनल चुंग-शान इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम है। जो समुद्र में दुश्मन के नेवल शिप को आसानी से निशाना बना सकती है। जबकि हसइयूंग फेंग 3 एक मध्यम दूरी की सुपरसोनिक मिसाइल है जो जमीन और पानी दोनों जगह दुश्मनों पर प्रभावी कार्रवाई कर सकती है।

वान चिएन यह एयर-टू-ग्राउंड क्रूज़ मिसाइल है जिसे ताइवान ने खुद विकसित किया है। ऐसा माना जाता है कि यह मिसाइल 200 किलोमीटर तक के लक्ष्यों को आसानी से भेद सकती है। जबकि टीएन कुंग 1-3 ताइवान द्वारा विकसित सतह से हवा में मार करने वाली एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल और एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम है। टीएन कुंग 3 45 से 70 किलोमीटर तक चीनी गाइडेड मिसाइलों को रोक सकता है। इनके अलावा भी ताइवान के पास कई अन्य मिसाइलें भी हैं।

यह खबर भी पढ़े: मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि लोग बेटियों के लिए थकान नहीं, मुस्कान का भाव रखें

From around the web