बीएसएनएल ने अपनी टीवी सर्विस Ditto TV और Limited Fixed Mobile की लॉन्च अरुण जेटली ने किया एलान, कहा- 1 जुलाई से लागू होगा जीएएसटी 1 जुलाई से लागू हो सकता है GST खरगौन: उच्चाधिकारी ने CISF जवान को मारा थप्पड़ नव नियुक्त प्रशासकों के नेतृत्व में BCCI में तेजी से आगे बढ़ेंगी चीजें: लोढ़ा जेडी.कॉम पर होगी नोकिया 6 स्मार्टफोन की पहली बिक्री बहुत अच्छे बेटे हैं करण: किंग खान योगेश्वर दत्त के गांव को हरियाणा के CM देंगे 10 करोड़ रूपए AAP के सचिव राजेंद्र कुमार ने किया नजीब जंग पर जुबानी हमला गोवा विधानसभा चुनाव 2017:  BJP ने जारी की उम्मीदवारों की दूसरी सूची आतंकवादी ने मिस्र में सुरक्षा चौकी पर हमला, 8 पुलिसवालों की मौत अखिलेश की जीत का कारण बनी मुलायम-अखिलेश की चिट्ठी पांच साल बाद श्मशान घाट में मिला पति और वही शुरू कर दी बहस अब घर बैठे कर सकेंगे नगर निगम से जुड़े सभी काम इन खिलाड़ियों को मिल सकता हैं 2016 का यह खास ईनाम! 'xXx' की सक्सेस के लिए दीपिका पहुंची सिद्धिविनायक मंदिर आँख में धूल झोकने के बराबर है ATM से पैसे निकालने की सीमा बढ़ाना: ममता बनर्जी नोटबंदी के दौरान सहकारी बैंको की घालामेली से RBI अनजान Sanjeevni Today: Top Stories of 9am बांग्लादेश की अदालत ने 26 को दी सजा-ए-मौत, नारायणगंज हत्याकांड मामले में थे दोषी
तालिबान ने वीडियो किया जारी, दिखाई दिए ये दो बंधक
sanjeevnitoday.com | Thursday, January 12, 2017 | 02:53:50 PM
1 of 1

काबुल। तालिबान के कब्जे में कैद लोगों के वीडियो में एक अमरीकी केविन किंग और एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक टिमोथी वीक्स दिखाई दिए है। इन लोगों का अपहरण 5 महीने पहले काबुल से किया गया था।

 

पुलिस की वर्दी पहने हुए बंदूकधारियों ने 7 अगस्त को अफगान राजधानी के बीचोंबीच स्थित अमरीकन यूनिवर्सिटी ऑफ अफगानिस्तान से 2 प्रोफेसरों का अपहरण कर लिया था। अपहर्ताओं ने इन प्रोफेसरों के वाहन की खिड़की तोड़ते हुए उन्हें अपने कब्जे में लिया था। कुल13 मिनट और 35 सेकेंड का वीडियो कल तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने प्रसारित किया। यह वीडियो इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण देता है कि ये दोनों जीवित हैं। इस वीडियो के आने से पहले अमरीकी विशेष अभियान दलों ने अगस्त में इन दोनों नागरिकों को बचाने के लिए गोपनीय तरीके से छापेमारी की थी।

हालांकि उनका प्रयास विफल रहा था। पेंटागन ने सितंबर में कहा कि राष्ट्रपति बराक आेबामा ने अफगानिस्तान के एक अज्ञात स्थान पर छापेमारी को मंजूरी दी थी लेकिन बंधक वहां नहीं थे। वर्ष 2006 में खुली अमरीकन यूनिवर्सिटी ऑफ अफगानिस्तान से प्रतिक्रिया के लिए संपर्क नहीं किया जा सका। इन अपहरणों ने अफगानिस्तान में विदेशियों पर बढ़ते खतरों को रेखांकित कर दिया।अफगान राजधानी में संगठित आपराधिक गिरोह फैले हुए हैं। ये गिरोह फिरौती के लिए अकसर अपहरण करते हैं।

यह भी पढ़े: इस शख्स ने बनवाया अपने कुत्ते का आधार कार्ड, पुलिस ने किया गिरफ्तार!

यह भी पढ़े: हाथ नहीं है, लेकिन पियानो बजाने से लेकर हवाई जहाज तक उड़ा लेती हैं ये लड़की!

यह भी पढ़े :इस लडक़ी ने कर दिया कमाल बातों-बातों में बना दी करंट वाली ब्रा

यह भी पढ़े: अद्भुत नजारा: हवा में लटका हुआ है ये नल



FROM AROUND THE WEB

0 comments

Most Read
Latest News
© 2015 sanjeevni today, Jaipur. All Rights Reserved.