पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत ने भी बतौर विशिष्ट अतिथि लोगों को किया सम्बोधित

 


पौड़ी। "कोरोना योद्धा रत्न सम्मान समारोह में शामिल होकर मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है। कोरोना वायरस एक ऐसी बीमारी है जो अदृश्य है। चीन के बुहान शहर की लैब से चलकर  यह बीमारी पूरे विश्व में फैली। प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने इस बीमारी से संघर्ष करने की ठानी, जिसका परिणाम यह रहा कि आज हम ऐसे पहले देश हैं, जहां दो-दो वैक्सीन एक साथ उपलब्ध हैं।' यह बात बुधवार को यहां चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विकासखंड एकेश्वर खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर में कोविड-19 योद्धा रत्न सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए प्रदेश के पर्यटन, सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कही।

उन्होंने कहा कि इस बीमारी से बचने के लिए सभी ने लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए अनेक कठिनाइयां उठाईं। धीरे-धीरे हमने इस बीमारी को समझा, इससे बचने के लिए कोविड नियमों का पालन किया। प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया के तहत भारत में इसकी वैक्सीन बन तैयार हो गई है। इतना ही नहीं आज हमारे देश के अन्दर सबसे अधिक वैक्सीन बनाने की क्षमता है। उन्होंने समारोह में उपस्थित सभी कोरोना वॉरियरस को कोरोना काल में किये गये उनके कार्यों के लिए उन्हें बधाई देने के साथ साथ सम्मानित करते हुए कहा कि वह स्वयं भी परिवार सहित कोरोनाकाल में अपने क्षेत्र के साथ साथ विभिन्न क्षेत्रों में राशन बांटने का काम करते रहे, जिसका नतीजा यह हुआ कि पूरा परिवार कोरोना संक्रमित हो गया। उस दौरान हमारे विरोधियों ने जम कर हमें उल्टा-सीधा कहा। ऐसे लोगों को समझना चाहिए कि जब देश के लोग संकट में हों तो जनप्रतिनिधि  का अपने घर पर बैठे रहना क्या उचित है? हमने अपने इसी दायित्व का निर्वाह किया था। 

लॉकडाउन के दौरान लोगों की मदद में अग्रिम पंक्ति में शामिल आंगनवाडी कार्यकर्ता, आशा वर्कर्स, डॉक्टर, फार्मेसिस्ट, एएनएम, शिक्षकों, ग्राम पंचायत अधिकारी, बैंक कर्मी, पोस्ट ऑफिस कर्मी, राजस्व, जलागम, पीआरडी एवं होमरगार्ड सहित करीब 275 कोरोना योद्धाओं के  सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम को बतौर विशिष्ट अतिथि सम्बोधित करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री अमृता रावत ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सभी विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र के लोगों ने मदद के लिए बढ़ चढ़कर कार्य किया है। लोगों की मदद की है। अब वैक्सीन आ गई है तो हमें बिल्कुल भी डरने की आवश्यकता नहीं है लेकिन एसओपी का पालन करना जरूरी है। कोविड-19 योद्धा रत्न सम्मान समारोह में सतपाल महाराज ने  कोरोना वॉरियरस को प्रशस्तिपत्र एवं शाल देकर सम्मानित भी किया।

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